शामली। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 500 करोड़ रुपये की लागत से मेरठ-करनाल फोरलेन का चौड़ीकरण कराएगा। प्राधिकरण चौड़ीकरण का कार्य दो साल में पूरा करेगा और 14 फरवरी को टेंडर खोलेगा। मार्च में फोरलेन का कार्य शुरू करा देगा। तीन साल पूर्व उत्तर प्रदेश शासन ने मेरठ-करनाल फोरलेन को 14 मीटर का फोरलेन व डेढ़ मीटर का डिवाइडर बनाया गया था।
लोकनिर्माण विभाग की ओर से मेेरठ- करनाल फोरलेन को भारतीय सरकार के राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित करा दिया था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मेरठ-करनाल पर दोनों ओर सर्विस लेन न होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते है। फोरलेन की हालत खस्ता होने से सड़क हादसों को रोकने के लिए मेेरठ- करनाल फोरलेन का चौड़ीकरण करने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण मेरठ-करनाल का चौड़ीकरण का 500 करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार करके भारत सरकार के राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण के दिल्ली कार्यालय को भेजा गया था।
प्राधिकरण के अभियंता सतप्रकाश ने बताया कि प्राधिकरण हरियाणा के करनाल जिले की सीमा बिड़ौली से लेकर मेरठ बाईपास चौड़ीकरण करेगा। दोनों ओर चौड़ीकरण के लिए एक ओर की सात मीटर की एक लेन के स्थान पर बारह मीटर की एक लेन तैयार करेगा। यह फोरलेन अब 24 मीटर का होगा। चौड़ीकरण करने के लिए 14 फरवरी को टेंडर खोलेगा। चौड़ीकरण कार्य एक माह बाद शुरू हो जाएगा। प्राधिकरण मेरठ-करनाल फोरलेन का चौड़ीकरण का कार्य दो साल में पूरा कर देगा।
गड्ढा मुक्त करने को नहीं मिली अनुमति : जिला प्रशासन पहले मेरठ-करनाल का चौड़ीकरण करने से पूर्व गड्ढा मुक्त कराना चाहता था। गड्ढा मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण को 51 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया था, किंतु मरम्मत के इस्टीमेट को अनुमति नहीं मिल पाई है, अब प्राधिकरण 500 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण कराएगा।
पानीपत-नगीना कोटद्वार फोरलेन के लगाए पिलर : शामली। पानीपत-नगीना कोटद्वार फोरलेन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जिले की सीमा में भूमि का चिह्निकरण कर पीले रंग के पिलर्स लगाने शुरू कर दिया गया। पानीपत-नगीना कोटद्वार मार्ग पर जिले की मुजफ्फरनगर सीमा से लेकर कैराना यमुना पुल तक पिर्लस लगाए जारहे है।
राजस्थान की टावर कंपनी को निर्माण एजेंसी को टेंडर दिया
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सलाहकार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ-करनाल के शामली बाईपास का अब 14 फरवरी को टेंडर खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली -यमुनोत्री के शामली से लेकर सहारनपुर तक का दूूसरे चरण का 531 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ दिया गया है। राजस्थान की टावर कंपनी को निर्माण एजेंसी को टेंडर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पानीपत-शामली में जिले में मरम्मत व गड्ढा मुक्त करने का टेंडर एस आर कंपनी को दिया है। पानीपत-शामली मार्ग को गड्ढा मुक्त करने के लिए छह करोड पांच लाख खर्च होंगे। बीके सिंह ने बताया कि मेरठ- करनाल मार्ग पर फुटपाथ तरीके पास होल्डर तैयार किए जाएंगे।