शामली। कलक्ट्रेट सभागार में भूजल प्रबंधन के संबंध में हुई बैठक में गिरते हुए भूजल स्तर पर चिंता जताई गई। साथ ही जिले में वाटर रिचार्चिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सीडीओ यशु रुस्तगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि भूजल प्रदूषित होता जा रहा है, जिसके चलते एनजीटी की रिपोर्ट के आधार पर 150 से ज्यादा हैंडपंपों को उखाड़ा गया है। गिरते हुए भूजल स्तर को बचाने के लिए वाटर रिचार्जिंग की कार्ययोजना बनाए जाने पर जोर दिया। भूगर्म वैज्ञानिक डॉक्टर गौतम ने बताया कि जनपद में भूजल स्तर 15 से 25 मीटर तक है।
उन्होंने कहा कि हर ब्लाक में जाकर जलस्तर का सर्वे किया गया है। तालाब- कृष्णा-यमुना नदी ओर पूर्वी यमुना नहर के बारे में मेपिंग के जरिए अधिकारियों को जानकारी दी गई। आयोजित बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी मनोज मिश्रा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अवैध कब्जों की सूची नहीं भेज रहे अफसर
शामली। प्रदेश सरकार ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए, लेकिन शामली जिले के अधिकारी अवैध कब्जों की सूची बनाने में ही गंभीर नहीं है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में मीटिंग के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने अवैध कब्जों की सूची नहीं भेजने वाले अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। कहा कि यदि शासन के आदेशों का पालन करने में लापरवाही की जाएगी, तो कार्रवाई होगी।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में मुख्य विकास अधिकारी यशु रुस्तगी की अध्यक्षता में बैठक हुई। एडीएम भरतजी पांडेय ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, बीएसए, डीआईओएस, समाज कल्याण, पशुपालन, जल निगम, डीपीआरओ, लोकनिर्माण विभाग, आरईएस समेत कई विभागों के अफसरों से अवैध कब्जों के संबंध में तैयार कराई गई सूची मांगी।
साथ ही कहा कि इस संबंध में आए शासनादेश से सभी विभागों के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है तथा निर्धारित समय में सूची बनाकर भेजने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जो की सूची नहीं दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। अवैध कब्जे वाली भूमि के संबंध में जिस अधिकारी द्वारा कोई तथ्य छुपाया जाता है, तो उसके प्रति विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कब्जा हटाने की योजना शासन द्वारा चलाई जा रही है इसलिए कोई अधिकारी इसमें लापरवाही न करें। इस अवसर पर एसडीएम सदर एमपी सिंह, एसडीएम कैराना विजय प्रकाश तिवारी, एसडीएम ऊन दुष्यंत कुुुमार मौर्य, सीओ सिटी उपेंद्र कुमार यादव समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।