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आस्था का केंद्र है माता श्री शाकंभरी देवी मंदिर

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गढ़ी अब्दुला खां स्थित माता श्री शाकंभरी मंदिर। - फोटो : SHAMLI
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आस्था का केंद्र है माता श्री शाकंभरी देवी मंदिर
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गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां के मुख्य बाजार में माता शाकंभरी देवी का भव्य मंदिर है। यह मंदिर करीब 150 वर्ष पुराना है। नवरात्र में गांव और दूसरे क्षेत्र के लोग काफी संख्या में पूजा-अर्चना कर अपने घर परिवार की सुख शांति की मन्नत मांगते हैं।
गांव निवासी रमेश चंद कश्यप ने बताया कि मान्यता है कि शाकंभरी देवी मंदिर में जो सच्चे दिल से पूजा-अर्चना करने वालों की माता रानी मनोकामना पूर्ण करती हैं। इस मंदिर में नवीनीकरण शिवगिरी महाराज व सीताराम महाराज के सानिध्य में ग्रामीणों और क्षेत्र के श्रद्धालुओं के सहयोग से हुआ। लगभग 30 वर्षों से इस मंदिर की कमेटी बनी हुई है। सुनील कुमार शर्मा ने बताया 150 वर्षों पहले हमारे पिता साधुराम के नाना वैद्य रामचंद्र देवी के उपासक थे। उन्हें गढ़ी अब्दुल्ला खां निवासी प्यारेलाल गुप्ता की दान दी गई जमीन पर माता श्री शाकंभरी देवी मंदिर का निर्माण कराया था।
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गौतम कश्यप ने बताया नवरात्र में शाम के समय मुख्य बाजार में माता रानी की ज्योति घुमाई जाती है। उन्होंने बताया बुधवार शाम को माता शाकंभरी देवी मंदिर में सुंदरकांड और जागरण का आयोजन कराया जाएगा। मंदिर के पुजारी यशपाल कश्यप ने बताया नवरात्र में इस मंदिर में माता दुर्गा के सामने देसी घी की ज्योति जलाई जाती है। रोजाना शाम को महिलाएं भजन-कीर्तन करती हैं। इस मंदिर में राम दरबार, हनुमान, बालाजी महाराज, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, विष्णु-लक्ष्मी, काली माता, भैरव, शनिदेव आदि की मूर्ति स्थापित हैं।
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