कई जिला पंचायत सदस्य सैर सपाटे पर
शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने के लिए भाजपा और सपा रालोद आमने- सामने है। जिला पंचायत सदस्यों पर सत्तारूढ़ भाजपा और सपा रालोद की निगाहें टिकी है। अध्यक्ष पद का चुनाव तीन जुलाई को है। दोनों खेमे के जिला पंचायत सदस्य परिवार सहित दूसरे प्रदेशों में सैर सपाटे पर हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से जिला पंचायत के वार्ड 14 की सदस्य मधु और जिला पंचायत के वार्ड एक से अंजलि रालोद-सपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं। अंजलि के नाम की सपा -रालोद का संयुक्त रूप से प्रत्याशी की घोषणा होने से खफा होकर अनुसूचित जाति कोटे से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य बबली दूसरे खेमे में चली गई हैं। जिला पंचायत सदस्य के पति राकेश कुमार रालोद मुखिया जयंत चौधरी से मिले थे। इसके बाद में रालोद कार्यालय पहुंचकर सदस्यता ग्रहण कर ली थी। अनुसूचित जाति कोटे से चुनी गई जिला पंचायत सदस्य को यह भरोसा था कि रालोद उसे जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी घोषित करते हुए चुनाव मैदान में उतारेगा। हालांकि उनका विश्वास टूट गया। इसलिए वे दूसरे खेमे में खफा होकर चली गईं। ़
पिछले 11 दिन पूर्व शासन द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद की चुनाव की घोषणा होने के बाद भाजपा और सपा-रालोद अपना अपना जिला पंचायत अध्यक्ष जिताने के लिए जुट गए हैं। अध्यक्ष पद चुनाव के लिए निर्दलीय सदस्य का महत्व बढ़ गया है। दोनों खेमे निर्दलीय सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए जीजान से जुट गए हैं। निर्दलीय सदस्यों को लुभाने के लिए आफर दिए जा रहे हैं। इसी बीच चुनाव की तिथि नजदीक आते देख दोनों खेमे के सदस्य अपनी परिवार समेत घरों से गायब होकर सैर सपाटे पर दूसरे प्रदेशों में चले गए हैं। ऐसे जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए हैं। हालांकि दोनों खेमे अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। तीन जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम आने के बाद असलियत सामने आएगी कि जिला पंचायत अध्यक्ष का ताज किस के सिर पर सजेगा। विदित है कि जिले में 19 जिला पंचायत सदस्य हैं। अध्यक्ष पद की जीत के लिए दस जिला पंचायत सदस्यों का वोट जीत का फैसला करेगा। दस जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में रोकने के लिए भाजपा, सपा-रालोद आमने- सामने हैं।