शामली मंडी में स्थित इफको सेंटर पर खाद उतारते श्रमिक।
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शामली। गन्ने की फसल में डालने को यूरिया के लिए मारामारी मची हुई है। खाद गोदामों पर यूरिया पहुंचने के साथ ही हाथोंहाथ उठान हो जाता है। किसान दो-दो दिनों तक यूरिया के लिए इंतजार करते रहते हैं। अप्रैल से अब तक जिले के बिक्री केंद्रों पर एक लाख 60 हजार 580 क्विंटल यूरिया पहुंच चुका है।
जिले में गन्ने का रकबा 80 हजार हेक्टेयर से अधिक है। बारिश से पहले किसान गन्ने की फसल में यूरिया डालते हैं इसलिए एकदम से यूरिया की मांग बढ़ गई। किसान अप्रैल से ही यूरिया का उठान कर रहे हैं। खरीफ सीजन के लिए अप्रैल से अब तक बिक्री केंद्रों पर एक लाख 60 हजार 580 क्विंटल यूरिया पहुंच चुका है। इसमें से एक लाख 20 हजार 77 क्विंटल यूरिया किसानों ने उठा लिया है जबकि लगभग 39 हजार 810 क्विंटल यूरिया ही बचा हुआ है। किसानों को प्राइवेट विक्रेताओं के पास यूरिया नहीं मिल रहा। सहकारी अथवा गन्ना समितियों पर खाद की गाड़ी पहुंचते ही मारामारी मच जाती है। किसानों को दो-दो दिन तक यूरिया का इंतजार करना पड़ रहा है।
शामली मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर ही अप्रैल से अब तक 12 हजार से ज्यादा कट्टे यूरिया का उठान हो चुका है। बृहस्पतिवार दोपहर भी एक ट्रक यूरिया पहुंचा था और कुछ किसान खरीद के लिए ट्रैक्टर-ट्राली लिए खड़े हुए थे। गोदाम के कर्मचारियों ने बताया कि यूरिया का खूब उठान हो रहा है। गोदाम पर तीन दिन का ही यूरिया बचा है। हालांकि गाड़ी आ जाती है। इसके साथ ही जल्द ही खाद की रैक आने की उम्मीद है।
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जिले में खाद की किल्लत नहीं
एआर कोऑपरेटिव राजवीर सिंह ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। सहकारी एवं गन्ना समितियों पर खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला कृषि अधिकारी डा. हरिशंकर सिंह का कहना है कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है।