शामली। आर्य उपदेशक वेदप्रकाश श्रोत्रिय ने कहा कि व्यवहार से ही संस्कार उत्पन्न होते हैं। परमात्मा अजर अमर और सर्वशक्तिमान है। परमात्मा की उपासना करने से ही मनुष्य का कल्याण होता है।
आर्य समाज मंदिर में श्रावणी पर्व के तहत चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन वैदिक यज्ञ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य यज्ञमान सोक्रेरेटिक स्कूल के चेयरमैन दिनेश शर्मा व प्रिंसिपल रविंद्र पटिआल, प्रेमलता आर्य, सुभाष जांगिड़ व सुनीता आर्य, परमानंद आर्य व आर्य विद्या सभा के प्रधान बीरबल आर्य, राकेश कौशिक, प्रीति कौशिक रहे। यज्ञ के ब्रह्मा डॉ. रविदत्त शास्त्री रहे। भजनोदपदेशक प्रदीप शास्त्री ने कहा जो व्यक्ति परमात्मा की उपासना करता है जीवन में सब कुछ प्राप्त कर लेता है। उन्होंने मधुर भजन ऋषि कौम का रहनुमा बनकर आया, दुखी, बेबसों का सखा बनकर आया सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिल्ली से आए आर्य उपदेशक वेदप्रकाश ने कहा कि हमारा शरीर स्थूल और आत्मा सूक्ष्म है, आत्मा में परमात्मा विद्यमान है। व्यवहार से ही संस्कार उत्पन्न होते हैं। परमात्मा अजर, अमर, सर्वशक्तिमान है, वहीं उपासना करने योग्य है। जिस हृदय में परमात्मा की अग्नि उत्पन्न हो जाती है, उस हृदय की अशुद्धियां जलकर शुद्ध हो जाती है।
मौके पर आर्य के संरक्षक रघुवीर सिंह, प्रधान सुभाष गोयल आर्य, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य व मंत्री दिनेश आर्य, इलम चंद आर्य, सुरेंद्र आर्य, मांगेराम, नरेंद्र अग्रवाल, देवी सिंह, अमरीश आर्य मौजूद रहे। संचालन सुभाष धीमान ने किया।