शामली। धीमानपुरा स्थित आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार सप्ताह (श्रावणी वर्ष) के अवसर पर तीसरे दिन का कार्यक्रम वैदिक यज्ञ के साथ हुआ।
यज्ञ के पुरोहित डाक्टर रविदत्त आचार्य ने यज्ञ संपन्न कराया। मुख्य यजमान संरक्षक रघुवीर आर्य, उनके पुत्र सत्यप्रकाश आर्य, राजपाल आर्य व वेद प्रकाश आर्य सपत्नीक रहे। यज्ञ के पश्चात दिल्ली से आए भजनोपदेशक दिनेश आर्य ने सुंदर भजन सुनाए।
डाक्टर धर्मवीर आचार्य ने मानव शरीर के स्वास्थ्य को लेकर गहन चिंतन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य ने शरीर को कूड़ाघर बना लिया है और आधुनिक समाज के नाम पर वह सब खानपान आहार में शामिल कर लिया है, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान होता है।
अगर मानव का शरीर ही स्वस्थ नहीं रहेगा, तो वह संसार के किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर सकेगा। उसके बने हुए काम भी बिगड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि ईश्वर की रचना प्रकृति से लेकर प्राणी तक एक बार होती है। उसमें कभी भी नए रूप की आवश्यकता नहीं पड़ती, जबकि मनुष्य द्वारा बनाई गई कोई भी वस्तु कभी पूर्ण नहीं होती।
आर्य प्रतिनिधि सभा के उत्तर प्रदेश के प्रधान देवेंद्र आर्य को पूरणचंद आर्य, वेद प्रकाश आर्य, धर्मवीर आर्य, बीरबल आर्य, रामेश्वर आर्य ने सम्मानित किया। मंच संचालन आर्य समाज मंदिर के मंत्री दिनेश आर्य ने किया।
इस दौरान सलेक चंद संगल, जेके आर्य, सुशील आर्य, योगेंद्र आर्य, रविकांत आर्य, रामकुमार गुप्ता, अरविंद शर्मा, सूर्य प्रताप आर्य, लोकेश राणा, नरेंद्र आर्य, जेपी आर्य, शशिबाला आर्य, शारदा आर्य, पूनम आर्य, नीलम आर्य, सुनीता पाल, श्वेता आर्य, मनोली आर्य, अर्चना आर्य, कमला आर्य, कौशल्या आर्य मौजूद रहीं।