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ओवरफ्लो हुई मामौर झील, घरों और खेतों में पानी

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बारिश के बाद कैराना में मामौर झील टूटने से खेतों और घरों में भरा पानी। - फोटो : SHAMLI
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ओवरफ्लो हुई मामौर झील, घरों और खेतों में पानी
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शामली, कैराना। बारिश के कारण मामौर झील फिर से ओवरफ्लो हो गई। झील का पानी कई मकानों के अलावा सैकड़ों बीघा फसल में भर गया। ग्रामीणों ने मामौर झील से होने वाली जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
मंगलवार को क्षेत्र में सुबह से दोपहर तक बारिश होती रही। कैराना से गंदे पानी का बड़ा नाला मामौर झील में जा रहा है। बारिश और नाले के पानी से दोपहर करीब दो बजे झील ओवरफ्लो हो गई। झील का गंदा पानी गांव के बाहरी हिस्से में बने शराफत, सनव्वर, मनव्वर, अयूब, जावेद व गयुर के मकानों में घुस गया जिससे मकानों को खतरा बन गया। मकान में रखे समान का नुकसान हुआ। इसके अलावा झील का पानी जाहिद की पांच बीघा, किताबुद्दीन की सात बीघा, राशिद की सात बीघा, नासिर की सात बीघा, मंजीत की 40 बीघा, नाजम अली की 12 बीघा व यशपाल की 36 बीघा धान की फसल में भर गया। खेत पूरी तरह पानी से लबालब हो गए हैं। ग्रामीण फुरकान ने बताया कि मौके पर किसी अधिकारी ने पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामौर झील की समस्या का जल्द समाधान कराया जाए। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बताया कि मामले में सिंचाई विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
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मंडलायुक्त ने दिए थे समाधान के निर्देश
कैराना। कैराना से बड़े नाले से पंजीठ तालाब होते हुए गंदा पानी मामौर झील में जाता है। बरसात के दिनों में झील बार-बार ओवर फलो होकर टूटती रहती है। मामौर व पंजीठ के ग्रामीण वर्षों से जलभराव की समस्या के समाधान की मांग करते चले आ रहे है। करीब एक साल पहले सहारनपुर मंडलायुक्त संजय सिंह ने मामौर झील पहुंचकर निरीक्षण करने के बाद सिंचाई विभाग को झील से पहले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के निर्देश दिए थे, ताकि झील में गंदा पानी सीधे न जाए। इसके अलावा वन विभाग को झील पर वेटलैंड बनाने की भी योजना बनाने को कहा था लेकिन सभी कार्य अधूरे पड़े हैं।
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