शामली। सफलता के पीछे मत भागो, काबिल बनो, सफलता खुद-ब-खुद आपके पीछे आएगी। अपने आपको इतना स्मार्ट बना लो कि दुनिया आपको सलाम करें। अपने गुणों को निखारने का यही समय है। वर्तमान माहौल में घर में रहना जरूरी है। ये अभी लंबा चलेगा, इसलिए इस समय का भरपूर सदुपयोग करें। अमर उजाला फाउंडेशन और भारतीय जैन संघटना की ओर से आयोजित स्मार्ट गर्ल कार्यशाला के तीसरे दिन बेटियों को सेल्फ डिफेंस और आत्मनिर्भर बनने के बारे में बताया गया। शुभारंभ संघटना के पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी मोहित जैन ने किया। ट्रेनर डॉक्टर मृदुला जैन ने कहा कि बेटियों को अपने गुणों को पहचानना है सबके अंदर कोई ना कोई गुण छिपा हता है। उसे पहचाने और उस पर कार्य करें। कार्यशाला में शामली के अलावा सहारनपुर, हरियाणा आदि कई प्रदेश की 36 छात्राओं ने भाग लिया।
ऑनलाइन सिखाएं बेटियों को हुनर
डॉक्टर दिव्या जिंदल ने कहा कि उन्हें पेंटिंग का शौक है। दूसरों को भी सिखाना अच्छा लगता है। लोगों की मदद करना चाहती हूं। ट्रेनर ने कहा कि डॉक्टरी आपका पेशा है और पेंटिंग शौक। आपकी दूसरों की मदद करने की सोच बहुत अच्छी है। ये किसी भी माध्यम से हो सकती है, इस समय वह चाहें तो ऑनलाइन बेटियों को ये हुनर सिखा सकती हैं।
बच्चों की तुलना किसी से ना करें
सहारनपुर की भबी जैन ने बताया कि अक्सर हमारे परिजन, अध्यापक या रिश्तेदार हमारी तुलना किसी दूसरे से करने लगते हैं, जो हमें अच्छा नहीं लगता। ऐसे में हम क्या प्रतिक्रिया करें। ट्रेनर ने कहा कि आप अपने आप में विशेष हैं। आपकी अगर कोई तुलना कर रहा है तो उससे बचें, उन्होंने माता-पिता से भी अपील कि कि आप अपने बच्चों की तुलना किसी से ना करें।
परिजनों को विश्वास में लेकर करें मन मुताबिक काम
शहर के मिल रोड निवासी नेहा जैन ने बताया कि अक्सर ऐसा होता है कि जो काम हम करना चाहते हैं, उसे करने के लिए मना कर दिया जाता है। जिससे आत्म सम्मान की कमी महसूस होती है। इस पर ट्रेनर ने बताया कि अगर आपके अंदर वो काम करने की क्षमता है, विश्वास है और आप सही हैं तो अपने आप पर विश्वास रखकर उसे करें, लेकिन अपने माता-पिता को अपने साथ रखें सफलता जरूर मिलेगी।
बेड टच पर तुरंत करें रियेक्ट
हरियाणा के बहादुरगढ़ की दीपांशी ने पूछा कि हम अपनी रक्षा कैसे करें। ट्रेनर ने बताया कि हमारी बेटियां घर के बाहर तो अपनी रक्षा कर लेती हैं जरूरत है घर के अंदर भी अपनी रक्षा करने की, यदि कोई भी बेटियों को बेड टच करें तो बेटियों के पास सिक्स सेंस होती है। इससे उन्हें बेड टच का तुरंत एहसास हो जाता है, ऐसे में तुरंत ना कहें, ना कहना सीखें। ट्रेनर ने कहा कि बेटियों को स्मार्ट बनना है अपनी रक्षा करनी है और रुकना भी नहीं है और लगातार आगे बढ़ते रहना है।
अमर उजाला फाउंडेशन संगठन वर्कशाप में भाग लेती डाक्टर दिव्या जिंदल- फोटो : SHAMLI
आनलाइन वर्कशाप में भाग लेती स्नेहा जैन वाराणसी- फोटो : SHAMLI
आनलाइन वर्कशाप में भाग लेती भवि जैन सहारनपुर- फोटो : SHAMLI
नलाइन वर्कशाप में भाग लेती नेहा जैन मिल रोड शामली- फोटो : SHAMLI
आनलाइन वर्कशाप में भाग लेती दीपांशी हरियाणा- फोटो : SHAMLI