कैराना। अल कुरआन एकेडमी एक शैक्षिक काउंसिलिंग कार्यक्रम मुगल गार्डन में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि कोतवाली प्रभारी ने सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल पर जोर दिया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता मौलाना मजाज उल हक शम्सी ने कहा कि शिक्षा बिना देश का विकास संभव नहीं है। कार्यक्रम में पहुंचे उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने छात्रों की काउंसिलिंग की। मोहम्मद माज ने कहा कि युवा नौकरी करने के बजाय बिजनेस पर ध्यान दें, तो देश को बहुत जल्द विश्व गुरु बनाया जा सकता है। एकेडमी के छात्र अब्दुल समद ने कहा कि कुरआन में औरत को मर्द के बिल्कुल समान दर्जा दिया गया है। इसलिए महिलाओं को मर्द से कम समझना कुरआन की शिक्षाओं के विरुद्ध हैं। छात्रा मंतशा ने कहा कि किसी कौम के लोग अगर आपस में जुल्म करें, तो कुरआन के अनुसार दुनिया की कोई ताकत उन्हें इज्जत और तरक्की की तरफ नहीं ले जा सकती।
अल कुरआन एकेडमी के डायरेक्टर मुफ्ती अतहर शम्सी ने कहा कि कुरआन केवल मुस्लिमों की नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता की किताब है। एकेडमी के एडमिनस्ट्रेटर परवेज आलम ने कहा कि शिक्षा केवल किताबें पढ़ाने ही नहीं, बल्कि छात्र की संपूर्ण शख्सियत के विकास करने और उसमें छिपी योग्यता बाहर लाने का नाम हैं। कार्यक्रम के दौरान अब्दुल वाहिद, मुनव्वर, अम्मार, मुस्कान आफिया, उसैद, अरहम, शिबली, माज हमजा आदि छात्र छात्राओं को उनकी विशेष शैक्षिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। संचालन हबीबा शम्सी ने किया। कार्यक्रम में खावर सिद्दीकी, हम्माद सिद्दीकी, जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर, असद सिद्दीकी ने शिरकत की।