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होली पर होगी मेक इन इंडिया की धूम

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होली के लिए शामली में दुकान पर आईं पिचकारी। - फोटो : SHAMLI
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शामली। इस बार की होली पर बाजार में चाइनीज गुब्बारे, पिचकारियों की नहीं बने देश में बने आइटमों की धूम रहेगी। चीन में कोरोना वायरस फैलने के कारण वहां से माल की आवक करीब डेढ़ महीने से बंद है। चीन का बचा हुआ स्टॉक काफी महंगा है, ऐसे में देश में ही बने गुब्बारे, पिचकारी आदि उत्पाद बाजारों में आए हैं।
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पिछले साल भी होली पर गुब्बारे, पिचकारी, टैंक, स्प्रे आदि चीन में बने काफी आइटम बाजार में आए थे। आधे से ज्यादा चाइनीज माल मार्केट में था, लेकिन इस बार कहानी उलट गई है। शहर के थोक कारोबारी विवेक बंसल के अनुसार लोगों में चीनी उत्पाद के प्रति क्रेज कम हो रहा है, इस बार कोरोना वायरस की वजह से चाइना से माल की सप्लाई लगभग बंद है। वहां से पहले आ चुका जो स्टॉक दिल्ली आदि बडे़ बाजारों में बचा था, वो महंगी कीमत पर दो महीने पहले ही उठाया जा चुका है। देश के गुब्बारा पिचकारी, टैंक आदि बनाने वाली फर्मों ने चीन के हालात देेख भी ये अनुमान लगा लिया था कि इस बार चीन से माल की आवक नहीं होगी। लिहाजा उन्होंने बाजार की मांग पूरी करने को जनवरी में ही अपने यहां उत्पादन बढ़ा लिया था। यही वजह है कि मध्यप्रदेश, दिल्ली, यूपी के हाथरस, मेरठ आदि कई जगहों पर बने पिचकारी, गुब्बारे, स्प्रे आदि सामान बाजार में आए हैं। इस बार होली पर 95 प्रतिशत आइटम देश में बने हैं।
कारोबारी विवेक मित्तल के अनुसार इस बार चीन के माल का जो स्टॉक बचा है वो महंगा है। ऑटोमेटिक गुब्बारे का जो आइटम थोक में 32 रुपये था, वो 65 रुपये बिका है, अब वो स्टॉक भी खत्म है। इस बार देश में बने आइटम ही बाजार की मांग पूरी कर रहे हैं। मेरठ, दिल्ली की फैक्टरियों में बनी पिचकारियां आई हैं। हाथरस, संभल, रायपुर से बने रंग गुलाल आदि बाजार में आए हैं। कारोबारियों के अनुसार इस बार बाजार में मुंबई का गुब्बारा धूम मचाएगा, जो चाइनीज गुब्बारे से क्वालिटी में काफी बेहतर है। दिल्ली, हरियाणा ,मेरठ, मुरादाबाद, हाथरस की फैक्ट्री में बने रंग गुलाल पिचकारी, आदि आई हैं।
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थोक भाव
आइटम कीमत
गुब्बारे थैली 20-50
वाटर टैंक 70 -600
स्प्रे गन 60-150
पिचकारी 30-200
फैंसी पाइप 40 -250
जिले में करीब 1.50 करोड़ का कारोबार
शामली शहर में ही तीन बड़े थोक कारोबारी हैं। जो रंग गुलाल आदि सीधे निर्माता फैक्टरियों से मंगाते हैं, जबकि टैंक, पिचकारी आदि माल दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक के अलावा हरियाणा, मेरठ आदि की फैक्टरी से मंगाते हैं। इनके द्वारा ही जिले के छोटे कारोबारियों को सप्लाई करते हैं। इसके अलावा कैराना, कांधला, थानाभवन, झिंझाना आदि कस्बों में 600 से अधिक छोटे दुकानदार हैं। मोटे अनुमान के तौर पर होली पर जिले में करीब डेढ़ करोड़ का कारोबार होता है। शहर के ही तीन कारोबारियों का करीब 70 -80 लाख से अधिक का कारोबार है।
कोट
इस बार की होली पर जिले में 95 प्रतिशत से अधिक देश में बने गुब्बारे, पिचकारी आदि सामान आया है। क्वालिटी और कीमत में भी ये अच्छे हैं। चीन से आपूर्ति बंद होने से भी होली पर कोई असर नहीं होगा। - विवेक बंसल, कारोबार
चीन से माल नहीं आया, बचा हुआ स्टॉक काफी पहले ही महंगा बिक चुका है। अब दिल्ली ,हरियाणा ओर यूपी की फैक्टरियों में बने आइटम ही बाजार की मांग पूरी कर रहे हैं। - नीरज मित्तल, कारोबारी

होली के लिए शामली में दुकान पर बिर्की के लिए आया गुलाल।- फोटो : SHAMLI

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