शामली/ हसनपुर लुहारी। जिले के कई गांवों में 400 से अधिक पशु लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) की चपेट में आ चुके हैं। संक्रमण बढ़ने से पशुपालकों में चिंता का माहौल है। वहीं बीमार पशुओं के इलाज में किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
हसनपुर लुहारी के गांव नांगल, इस्माइलपुर और हसनपुर लुहारी समेत आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। पशुपालकों का आरोप है कि बरसात से पहले समय पर व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया, जिसके कारण बीमारी तेजी से फैल रही है।
ग्रामीणों के अनुसार नांगल गांव में नीटू के तीन पशु, जबकि महक सिंह, मदन, सचिन, वर्णित, अशोक, विक्की और पप्पू के एक-एक पशु लंपी की चपेट में हैं। वहीं इस्माइलपुर गांव में प्रदीप के दो, नीरज का एक, राकेश के दो, सेठपाल का एक और मुकेश के दो पशु संक्रमित हैं। पशुपालक विनीत और रजनीश के पशुओं की बीमारी के कारण मौत भी हो चुकी है।
राकेश कुमार (इस्माइलपुर), सन्नी कुमार (हसनपुर लुहारी), वर्णित कुमार (नांगल) ने बताया कि पशु लगातार बीमार हो रहे हैं और उनका टीकाकरण तक नहीं हुआ है। महक सिंह की गाय के इलाज में पिछले चार दिनों में आठ से दस हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन बीमारी का असर कम नहीं हो रहा है।
लंपी से बचाव के उपाय
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें।
पशुओं के बाड़े की साफ-सफाई रखें और कीटाणुनाशक दवा का छिड़काव करें।
मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों से पशुओं को बचाने के उपाय करें।
पशु के शरीर पर गांठ, बुखार, दाने या भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
पशुओं का समय पर टीकाकरण कराएं और साफ पानी व पौष्टिक आहार दें।
जिलेभर में अब तक 400 से अधिक पशु लंपी की चपेट में आ चुके हैं। सभी का उपचार कराया जा रहा है। धीरे-धीरे पशु स्वस्थ हो रहे हैं। 20 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। जल्द ही जिलेभर में टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा। - डॉ. चंद्रभानू कश्यप, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, शामली