उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियरों ने कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उधर, कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने शुक्रवार को विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी का एलान किया।
उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि लोकनिर्माण विभाग के कार्यालय प्रांगण में अवर अभियंताओं का सुबह 11 बजे से लेकर तीन बजे तक धरना प्रदर्शन जारी रहा। इसमें लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंता विभाग, जल निगम व सिंचाई विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर, नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ ने हिस्सा लिया। इस दौरान सुरेंद्र कुमार, देवप्रकाश, संजीव कुमार, दीप्तेश कुमार, पवन कुमार, कन्हैया लाल, विजय कुमार, बाबूलाल, सुरेश लाल, सुरेश पाल, जयवीर, लोकेश, धर्मपाल आदि मौजूूद रहे। उधर, कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। इसमें हड़ताल में शामिल रहने का निर्णय लिया गया है। अन्य जिलों की तरह पर जिलाधिकारी कार्यालय पर एकजुट होकर विद्यालयों और कार्यालयों की पूर्ण तालाबंदी करेंगे। सभी कर्मचारी शिक्षक आठ फरवरी डीएम कार्यालय पर सुबह दस बजे से लेकर तीन बजे तक पूर्ण हड़ताल में शामिल रहेंगे।
तो होगी सख्त कार्रवाई
एडीएम वित्त केबी सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने राज्य कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है। जो राज्य कर्मचारी-शिक्षक अपने कार्यालय में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य कर्मचारियों लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं को छोड़कर सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल से वापस आ गए है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने हड़ताल पर जाने वाले अवर अभियंताओं की सूची दी है। ग्राम पंचायत विभाग व जलनिगम के अवर अभियंता हड़ताल में शामिल नहीं हुए है।