चौसाना। नाईनंगला जाटान में वित्तीय वर्ष 2018-19 में मनरेगा के तहत तालाब की सफाई के नाम पर करीब दो लाख रुपये निकालने की शिकायत की जांच के लिए सोमवार को लोकपाल गांव में पहुंची। पंचायत विभाग के अधिकारियों से बात कर लोगों से विकास कार्यों के संबंध में जानकारी ली। लोकपाल ने कई ग्रामीणों से कार्यों में गड़बड़ी के संबंध में लिखित बयान दर्ज किए।
गांव नाईनंगला जाटान में पिछले दो सालों से मनरेगा के अंतर्गत तालाब की सफाई के नाम 1.78 लाख के गबन का आरोप लगाते हुए शिकायत की जाती रही है। शिकायतकर्ता मोहित पुत्र हरी सिंह का आरोप है कि जिलास्तर पर जांच को प्रत्येक बार दबा दिया जाता रहा। लेकिन शिकायतकर्ता ने हार नहीं मानी और लखनऊ अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार के दरबार में जाकर शिकायत की। जिससे बाद लोकपाल अंशू त्यागी को इस प्रकरण की जांच सौंपी गई।
सोमवार को अंशू त्यागी नाईनंगला पहुंची। उन्होंने तालाब का निरीक्षण किया और प्राथमिक विद्यालय में बैठक कर शिकायतें सुनी। जिसके बाद लोकपाल अंशू त्यागी गांव में घर-घर पहुंची और ग्रामीणों से तालाब सफाई की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिखित रूप में दर्ज किए। लोकपाल द्वारा पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। शाम को लोकपाल अंशू त्यागी जांच के बाद वापस लौट गई।
कोट-
शासनस्तर से जॉच प्राप्त हुई थी। जॉच के दौरान कोई तथ्य बाकी ना रहे और शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की जांच से संतुष्ट हो इसके लिये फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई है। लोगों के बयान दर्ज किये गये है। ग्रामीणों से कहा गया है कि उनके पास कोई भी जानकारी हो तो वह उपलब्ध करा सकते है। - अंशू त्यागी, लोकपाल मेरठ मंडल