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Shamli News: कई साल कोर्ट के चक्कर काटने के बाद राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ समाधान

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कैराना। न्याय के लिए कई सालों तक कोर्ट के चक्कर काटने के बाद पीड़ितों की समस्या का समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत में हो गया। ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें सालों से लंबित मुकदमों का राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते के आधार पर समाधान कराया गया। इसके बाद दोनों पक्ष संतुष्ट होकर चले गए।
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केस नंबर 1
शामली निवासी महिला की शादी खतौली निवासी युवक के साथ हुई थी। शादी के बाद मनमुटाव के चलते विवाहिता ने 2016 में शामली कोतवाली पर अपने पति व ससुराल वालों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया था लेकिन कुछ दिन बाद ही दोनों में समझौता हो गया। 2016 से ही दोनों पति पत्नी साथ साथ रह रहे थे लेकिन दहेज उत्पीड़न का मुकदमा कोर्ट में चलने के कारण दोनों को तारीख पर आना पड़ता था। विवाहिता ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में उनके मुकदमे को अदालत ने खत्म कर दिया अब वे दोनों खुश हैं।

केस नंबर 2
थाना भवन निवासी नेक मोहम्मद ने अपनी एक दुकान होटल के लिए नाथी राम को किराये पर दी थी। विवाद होने पर 2020 में नेक मोहम्मद ने दुकान खाली कराने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था। नेक मोहम्मद ने बताया कि पांच साल तक कोर्ट के चक्कर काटने के बाद शनिवार काे समझौते के आधार पर अदालत ने दुकान खाली कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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केस नंबर 3
17 साल पहले कांधला के गांव सुन्ना निवासी पवन के विरुद्ध थाना कांधला पर अवैध शराब का मुकदमा दर्ज हुआ था। पवन ने बताया कि 17 साल तक कोर्ट के चक्कर काटने के बाद आज अदालत ने 500 रुपये का अर्थदंड लगा कर मामला खत्म कर दिया है।

केस नंबर 4-दो साल पहले गांव भभीसा निवासी बलराम ने कांधला थाने पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। हादसे में बलराम के परिवार के युवक की मौत हो गई थी। पुलिस आरोपी वाहन चालक का पता नहीं लगा सकी थी लेकिन बलराम को तारीख पर आना पड़ता था। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अदालत ने पीड़ित का समस्या का समाधान करा दिया।

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राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख 75 हजार 619 वादों का कराया निस्तारण

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली व उच्च न्यायालय व इलाहाबाद के दिशा-निर्देशों के तहत हुआ आयोजन
फोटो

कैराना। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली व उच्च न्यायालय, इलाहाबाद व उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इंदर प्रीत सिंह जोश ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायालय, शामली स्थित कैराना परिसर में दीप प्रज्जवलन कर किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंदरप्रीत सिंह जोश ने चार मामले, ब्रिजेश शर्मा प्रधान न्यायाधीश-पारिवार न्यायालय ने 48 मामले, सुरेंद्र राय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. एक्ट) ने 247 मामले, सीमा वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) ने तीन मामले, रीतू नागर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) शामली ने पांच मामले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शामली न्यायालय ने 349 मामले, प्रशांत सिंह अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कैराना ने 926 मामले, आंचल कसाना सिविल जज सीडि/एसीजेएम, शामली ने 709 मामले, आशीष कांबोज सिविल जज सी.डि./एसीजेएम, कैराना ने 731 मामले, ईशा चौधरी, सिविल जज (जू.डि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट शामली ननै 769 मामले, अमर प्रसाद, सिविल जज (जू.डि.)/एफ.टी.सी. शामली ननै 712 मामले, अंकित त्यागी, सिविल जज जू.डि., कैराना ननै 855 मामले व शिवानी चौधरी, अपर सिविल जज जू.डि. कोर्ट संख्या-1, कैराना ननै 714 मामले निपटाए।
जनपद शामली स्थित समस्त न्यायालयों की ओर से कुल 6 हजार 54 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें कुल धनराशि 74 लाख 97 हजार 385 रुपये का सेटलमेंट किया गया। राजस्व न्यायालयों की ओर से एक लाख 68 हजार 830 मामले का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया। इसमें 59 हजार रुपये का सेटलमेंट किया गया। बैंक से संबंधित 735 प्री-लिटीगेशन वादों का निस्तारण किया गया। इसमें कुल तीन करोड़ 61 लाख 73 हजार 79 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। इस तरह से राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल एक लाख 75 हजार 619 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें कुल चार करोड़ 37 लाख 29 हजार 464 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
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