शामली। जिले के करीब दो हजार किसान ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने अपनी एक ही जमीन पर दो से लेकर तीन बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ऋण ले लिया है। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब ऋण पोर्टल पर डेटा अपलोड और विभागीय ऑडिट किया गया।
सहकारिता विभाग ने अब किसानों को नोटिस जारी कर दिए हैं और साफ निर्देश दिए गए हैं कि आगे से ऋण केवल पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकृत किए जाएं। शामली जिले में कुल 38 सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 84 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। यहां किसानों को सहकारी बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक केसीसी पर फसली ऋण उपलब्ध कराते हैं। सहकारी बैंक से तीन प्रतिशत ब्याज दर, राष्ट्रीय बैंक से चार प्रतिशत तक ब्याज पर दिया जाता है।
ऋण सीमा पांच लाख रुपये तक है। सामान्य तौर पर एक किसान केवल एक ही बैंक से केसीसी ऋण ले सकता है, वह भी पांच लाख रुपये तक, यदि अन्य बैंकों से भी ऋण लेना होता है तो वह पांच लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। लेकिन जांच में पाया गया कि कई किसानों ने एक ही जमीन की फर्द लगाकर दो से तीन बैंकों से दस से लेकर 12 लाख रुपये तक का ऋण ले लिया। (संवाद)
अब देना होगा अधिक ब्याज
सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी किसान ने एक से अधिक बैंकों से ऋण लिया है तो उसे 11.25 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना होगा। पहले तीन लाख के ऋण पर किसान को केवल 9 से 12 हजार रुपये सालाना ब्याज देना पड़ता था, बाकी अनुदान सरकार देती थी। अब यह अनुदान पांच लाख रुपये तक दिया जा रहा है। सीधे किसानों के खाते में जाएगा, जिससे योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी।
- विभाग की सख्ती
एआर कॉपरेटिव शुभम मलिक के अनुसार, लगभग दो हजार किसानों को नोटिस भेजे गए हैं। किसानों से कहा गया है कि केवल पोर्टल के माध्यम से ही ऋण की प्रक्रिया पूरी की जाए। इससे भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी।
फैक्ट फाइल
जिले में सहकारी समितियां: 38
शामली: 4
थानाभवन: 10
ऊन: 10
कैराना: 7
कांधला: 7
कुल किसान (लेन-देन करने वाले): 37 हजार
समितियों से जुड़े किसान: लगभग 82 हजार
पिछले पाँच वर्षों में केसीसी से वितरित ऋण
वर्ष
कुल कृषक
धनराशि (करोड़ों में)
2020-21
7879
362
2021-22
50619
258
2022-23
50043
302
2023-24
51673
379
2024-25
38660
371
2025-26*
20531
197
नोट : मई माह तक का आंकड़ा।
सबसे अधिक ऋण वर्ष 2023-24 में किसानों ने लिया, जब 51,673 किसानों ने 379 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस वर्ष अब तक केवल 20,531 किसानों ने 197 करोड़ का ऋण लिया है।
ऐसे हुआ डबल लोन का खेल.. (केस स्टडी)
कुड़ाना के इंतजार ने समिति से तीन लाख और पीएनबी से 10 लाख का ऋण लिया।
खेड़ा गदाई की गीता देवी ने समिति से 1.50 लाख और एसबीआई से 5.31 लाख रुपये का ऋण लिया।
खेड़ा गदई के मणिक ने दो बैंकों से कुल 6 लाख का ऋण लिया।
थानाभवन के चरण सिंह ने समिति से 2.55 लाख और पीएनबी से 5 लाख का ऋण लिया।