शामली। अवैध रेत खनन की जांच के लिए सीबीआई टीम खनन माफिया की परतें उधेड़ने में लगी हुई है। मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही जगह जगह लोगों से बातचीत की जा रही है। वहीं, लोगों से कहा गया है कि अवैध खनन के बारे में कोई कुछ बताना चाहता है, तो उससे सहयोग लिया जाएगा।
तीन दिन से सीबीआई के एडिशनल एसपी एनके पाठक, डिप्टी एसपी केपी शर्मा और पीसी वेदपाल सिंह की टीम हाईकोर्ट के आदेश पर यमुना नदी से अवैध खनन की जांच करने शामली जिले में आई हुई है। टीम के सदस्यों को थानाभवन स्थित शुगर मिल ठहराया गया है। सीबीआई टीम ने शनिवार को भी यमुना खादर क्षेत्र में भ्रमण कर खनन की जांच की। अभी तक टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
टीम लीडर एडिशनल एसपी एनके पाठक का कहना है कि गंभीर मामला है, इतनी जांच पूरी करने में समय तो लगेगा ही। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने पर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी जाएगी।
उधर, सीबीआई टीम ने पुलिस प्रशासन से 2012 से अब तक अवैध खनन करने वालों के खिलाफ हुई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा था। मालूम चला है कि इस अंतराल में रेत खनन कर लाए जा रहे वाहनों को पकड़ने और कार्रवाई के करीब 50 से ज्यादा मामले दर्ज हुए। उन सभी के संबंध में सीबीआई टीम ने ब्योरा संकलित कर लिया है। इस ब्यौरे के आधार पर भी सीबीआई जांच करने में लगी हुई है।
खनन के सिंडीकेट तक पहुंचना है
अवैध रेत खनन को बड़ा सिंडीकेट संचालित करता है। इस खेल में खनन माफियाओं के साथ ही सफेदपोश कनेक्शन भी बताया जाता है, जिस कारण खनन माफिया बेखौफ होकर यमुना नदी का सीना चीरते रहे हैं। सीबीआई टीम भी प्रयास में लगी है कि अवैध खनन करने और कराने वालों की जड़ों तक पहुंचाया जाए। ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
अधिकारियों पर हुए हैं जानलेवा हमले
शामली। यमुना नदी को जाने वाले रास्ते के किनारे ही रेत के ढेर लगे मिले। इसी स्थान पर दो साल पूर्व खनन माफियाओं ने तत्कालीन नायब तहसीलदार और तत्कालीन झिंझाना थानाध्यक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसके अलावा बल्हेड़ा और पठेड़ गांव के निकट भी यमुना नदी के रास्तों पर जगह जगह रेत के ढेर और नदी किनारे गहरे गड्ढे मिले, जो अवैध रेत खनन को बयां करते हैं।