शामली। सड़क जागरूकता सप्ताह चल रहा है, ट्रैफिक पुलिस लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करते हुए फूल बांट रही है, लोग फूल लेकर मुस्कुरा कर चले जाते हैं और उसके बाद फिर नियम तोड़ते हैं। रोजाना शामली में ट्रैफिक पुलिस के सामने ही नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती।
शामली में नियमों को ताक पर रखकर वाहनों की ड्राइविंग की जाती है। सुबह से लेकर शाम तक हजारों की संख्या में वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं और पुलिस के सामने ही नियमों का मखौल उड़ा देते हैं। स्थिति यह है कि ट्रैफिक पुलिस यहां जागरूकता अभियान तो चलाती है, लेकिन नियमों का सख्ती से पालन कराने में फेल साबित हो रही है।
बिना हेमलेट, ट्रिपल राइडिंग, ट्रेफिक पुलिस के द्वारा रोकने के बावजूद तेजी से वाहन निकालकर ले जाना और रॉग साइड में वाहन चलाकर जाम का कारण बनना यहां रोज की बात हो गई है। ट्रैफिक पुलिस सहित पुलिस अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर गोष्ठियां आयोजित कीं, लेकिन सबसे ज्याद यातायात के नियमों का उल्लंघन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे ही करते हैं। इन बच्चों पर न तो स्कूल ही सख्त होता है और न ही अभिभावक। यह बात भी सही है कि अकेले पुलिस ही इस मामले में कुछ नहीं कर सकती, लेकिन यदि सख्ती बरती जाए तो हालातों में कुछ सुधार जरूर आ जाएगा।
उधर, सीओ ट्रैफिक उपेंद्र कुमार यादव का कहना है कि किसी भी सूरत में ट्रैफिक के नियमों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियम पब्लिक की सुरक्षा के लिए हैं, सभी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और कानूनी कार्रवाई से बचें।