ताऊ जी, मैं बिल्कुल ठीक हूं, आप भी अपने स्वास्थ्य का पूरी तरह से ध्यान रखना। एक या दो दिन में गांव में आऊंगा, इस बार घर का निर्माण कार्य शुरू करा दूंगा... उक्त बातें शाहजहांपुर के थाना परौर में तैनात दरोगा वरुण तोमर ने आत्महत्या से एक दिन पूर्व ही शामली के चौंदाहेड़ी गांव के अपने ताऊ तरुणवीर को कॉल कर कही थीं।
शुक्रवार को जैसे ही गांव में दरोगा की मौत की सूचना पहुंची तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग शव को लेने शाहजहांपुर पहुंच गए। शव का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। शामली के चौंदाहेड़ी गांव का रहने वाला वरुण तोमर अपने पिता की जगह दरोगा के पद पर तैनात हुआ था। वरुण के पिता पुष्पेंद्र तोमर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। वह पुलिस में ही तैनात थे।
बताया गया कि वरुण तोमर को शाहजहांपुर के थाना परौर में तैनाती मिली थी। वहीं, शाहजहांपुर में वरुण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतक के ताऊ तरुणवीर ने बताया कि एक दिन पहले ही वरुण तोमर का फोन आया था कि वह गांव पहुंच रहा है और गांव आकर खाली पड़ी जमीन पर घर बनवाएगा। वरुण तोमर की मां की मृत्यु भी काफी समय पूर्व हो चुकी है। परिवार में वह अकेला ही था।