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मुस्करा उठे लक्ष्मी और गणेश

Wed, 26 Oct 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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cultrual - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। संस्कार भारती मेरठ प्रांत की शामली इकाई द्वारा दीपावली के उपलक्ष्य में एक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। सुनील टम्मी द्वारा प्रस्तुत की सरस्वती वंदना में यूं कहा आंखों से सजने लगा, पूजा का संदेश, मंद मंद मुस्करा उठे लक्ष्मी और गणेश।
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शहर के बुढ़ाना रोड स्थित अनिल धीमान पोपट कामचोर के आवास पर आयोजित काव्य गोष्ठी में ओजस्वी कवि प्रीतम सिंह प्रीतम ने कहा कि पाकिस्तान से लगी सीमा पर हुए शहीदों के लिए दीपावली पर दीया जलाने का संदेश कुछ प्रकार दिया एक दीपक जला दो शहीदों के नाम, ताकि दीपावली खुद पर ही श्लांघन करे।

देश अनुुराग का घृत वर्तिका तन की ले, उस दीये का चलो प्रज्वलन हम करें। कार्यक्रम के संयोजक हास्य कवि  अनिल धीमान पोपट कामचोर ने अपनी काव्य प्रस्तुती में कहा क्या केवल दीवार सजाना काफी है, क्या केवल वंदनपार सजाना काफी है।          नफरत के अंधेरो से घिरे इन गलियारों में प्यार का एक दीप जलाना काफी है।
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प्रदीप टांक मायूस ने कहा ढेरो चिराग धोकर हमने सूखा दिए, इस उम्मीद पे कि इक दिन अपनी भी दीपावली होगी। कवि देवेंद्र शर्मा मेमन ने अपने गीतों में कहा कि- समझना है जो किसी के जजबात  समझ, दिल में छिपे हुए ख्यालात समझ। जो चाह कर भी कुछ       कह नहीं पाए, लंबों उलझी हुई वोबात समझ, काव्य गोष्ठी में कवि रामपाल सिंह मलिक ने अपनी देश भक्ति की कविता प्रस्तुत की। समिति के सचिव प्रीतम सिंह प्रीतम ने आभार प्रकट किया। हर्षित धीमान, अरविंद, सोमदत्त, प्रमोद, हर्ष मौजूद रहे।
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