शामली कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते डीएम
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कृष्णा नदी बिना जन सहयोग के पुनर्जीवित नहीं होगी : डीएम
शामली। कृष्णा नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत हुई बैठक में डीएम अखिलेश सिंह ने कहा कि कृष्णी नदी बिना जन सहयोग के पुनर्जीवित नहीं हो सकती है। उन्होंने 30 मई तक कृष्णा नदी को पुराने स्वरूप में लाने का आह्वान किया।
बुधवार को नवीन विकास भवन सभागार में डीएम अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में कृष्णा नदी पुनर्जीवन अभियान की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में ग्राम प्रधानों से कृष्णा नदी को पुनर्जीवित करने लिए प्रधानों से की विचार विमर्श किया गया। 30 मई तक नदी को इसके पुराने स्वरूप में लाने के लिए कोशिशों पर चर्चा की गई। डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में गंगा और यमुना का साफ पानी खेड़ी करमू, भैंसवाल में उपलब्ध है। इस जल का संरक्षण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कृष्णा नदी को स्वच्छ करने का कार्य अकेले सरकार नहीं कर सकती है। इस अभियान के लिए सभी ग्राम एवं नगरवासियों को अपनी- अपनी विशेष भूमिका निभाने के जरूरत है।
बैठक में विशेष आंमत्रित सदस्य के रूप में इंडिया वाटर पार्टनरशिप, दिल्ली की कार्यकारी निदेशक डाक्टर वीणा खंडूरी कहा कि नदी को पुनर्जीवित करना एक वैज्ञानिक कार्य है और इसके लिए जिम्मेदार सभी का आपस में समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि शामली जिले की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न वैज्ञानिकों व संस्थानों से अनुबंध किया है। जिनकी सहायता से प्रदूषित जल को पुन: ठीक करके इसे सिंचाई एवं पेयजल के लायक बनाया जा सकेगा। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने कहा कि सभी प्रधानों को भगीरथ की भूमिका में आना होगा। जिले में मौजूद कृष्णा नदी के पुर्न उद्धार के लिए कमर कसके कार्य करना होगा। नदी के आसपास वाली सभी बंजर या अन्य भूमियों का भी चिन्हांकन करा लें और इसमें खेल का मैदान, पार्क, वृक्षारोपण, तरल अपशिष्ठ प्रबंधन इकाई, वैटलैंड, तितली पार्क आदि का निमार्ण ग्राम निधी से करें। कृष्णा पुनर्जीवन बैठक में इनेक्टस समूह दिल्ली के छात्र, जिला पंचायतराज अधिकारी, बीडीओ, उमर सैफ, सुनील नंदा, भगीरथ पुरस्कार से सम्मानित मुस्तकीम मल्लाह मौजूद रहे।