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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सुविधा कम, अव्यवस्थाएं ज्यादा

Sun, 28 Aug 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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inspection - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। उपजिलाधिकारी सदर एमपी सिंह ने बनत स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं, जिनमें सुधार का निर्देश दिया गया है। 
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शनिवार दोपहर एसडीएम सदर एमपी सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर बनत स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान विद्यालय की वार्डन रश्मि पाठक अनुपस्थित पाई गईं। अवकाश के लिए बीएसए से भी अनुमति नहीं ली गई। इस पर वार्डन का स्पष्टीकरण मांगा गया है।

निरीक्षण में पाया गया कि बालिकाओं के खेलने के मैदान में लगी इंटरलॉक टाइल्स जगह जगह से उखड़ी है। बैडमिंटन और वॉलीबाल खेलने के लिए एक स्थल रखा गया है, जिसमें दूरी रखने को कहा गया। बालिकाओं को दिए जाने वाले भोजन का स्तर मानक के अनुरूप नहीं मिला। भोजन मेन्यू के अनुसार नहीं पकाया गया तथा चावल का स्तर भी निम्न पाया गया। रसोईघर में गंदगी मिली तथा फ्रिज खराब मिला जो दो महीने से खराब है। 
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बालिकाओं के विश्राम हेतु जो बेड रखे गए हैं, उनमें एक ही बेड पर दो दो बालिकाओं के शयन की व्यवस्था की गई है, जो कि उचित नहीं है। बालिकाओं के विश्राम कक्ष में प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। विश्राम कक्ष में गद्दे और चादरें काफी पुरानी तथा कटी फटी पाई गई। विद्युत व्यवस्था के लिए जेनरेटर सीढ़ियों के नीचे लगाया गया है, जो ठीक नहीं है।

इससे प्रदूषण फैल रहा है और बालिकाओं के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ने की संभावना है। 
प्रकाश व्यवस्था के लिए ट्यूबलाइटें और सीएफएल लगाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा विद्यालय में पुरानी जंग लगी साइकिलें पड़ी मिली, जिनके निस्तारण का निर्देश दिया गया। वहीं, कक्षा में श्यामपट (ब्लैक बोर्ड) पर कई शब्द गलत अंकित पाए गए, जिनमें स्पेलिंग और शब्दों का संकलन नियमानुसार नहीं पाया गया। एसडीएम ने निर्देश दिया कि शिक्षिकाएं ब्लैक बोर्ड पर शब्दों का चयन और अंकन करते समय ध्यानपूर्वक पढ़ें एवं बालिकाओं को पढ़ाया जाए।

साथ ही निर्देश दिया कि बालिकाओं के कुशल पर्यवेक्षण कराए जाने के लिए सायं सात बजे के बाद महिला पर्यवेक्षकों की ड्यूटी भी विद्यालय में लगाई जाए। समय समय पर बालिकाओं के चिकित्सा परीक्षण हेतु स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाकर चिकित्सा कैंप लगवाए जाएं। विद्यालय में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। 

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि जिला समन्वयक द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बनत में शिक्षण कार्य और बालिकाओं की शिक्षा के संबंध में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लिहाजा समय समय पर अनुश्रवण किया जाए।
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