शामली। हरिद्वार से गंगाजल लेकर डाक कांवड़ के साथ दौड़ रहे पवन उर्फ शुक्ला (17) कांवड़िये की मंगलवार को शहर के शिव चौक के पास अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
पानीपत के संभालका निवासी रजत और कृष्ण ने बताया कि पवन उर्फ शुक्ला दो दिन पहले करीब 20 अन्य साथियों के साथ डाक कांवड़ लेने हरिद्वार गया था। सभी साथी बारी-बारी से दौड़ते हुए गंगाजल लेकर आ रहे थे। मंगलवार को शामली के शिव चौक के पास शुक्ला ने दौड़ते हुए गंगाजल दूसरे साथी को पकड़ा दिया। इसके बाद जैसे ही वह बाइक पर बैठने लगा, अचानक गिर पड़ा। साथी कांवड़िये उसे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर युवक की मौत हार्ट अटैक के कारण होने की आशंका है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घर में कोहराम मचा
शामली। डाक कांवड़ में दौड़ते हुए मौत का शिकार हुए पवन के चचेरे भाई सुनील ने बताया कि पवन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। चिकित्सक इसे हार्ट अटैक मान रहे है, लेकिन वह पोस्टमार्टम में ही मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कह रहे हैं।
17 साल की उम्र में हार्ट अटैक क्यों?
फिजिशियन डॉ. समद अली के अनुसार, 17 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक जन्मजात या आनुवंशिक हृदय संबंधी बीमारी, हृदय की धड़कन में गंभीर गड़बड़ी, हृदय की मांसपेशियों से जुड़ी समस्या या अन्य चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं। अत्यधिक शारीरिक मेहनत, गर्मी और शरीर में पानी की कमी भी पहले से मौजूद हृदय संबंधी समस्या को गंभीर बना सकती है।