कैराना (शामली)। पुलिस पर टार्चर करने का आरोप लगाते हुए वायरल की गई वीडियो के मामले में सीओ ने जांच कर पुलिस को क्लीन चिट दे दी है। सीओ ने जांच में पाया है कि पूछताछ के लिए बुलाई गई मां-बेटी को पूछताछ के बाद घर छोड़ दिया गया था।
मंगलवार को फेसबुक पर दो वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कैराना कोतवाल ने मां-बेटी को हत्या के मुकदमे में टार्चर किया। मामला हाईलाइट होने पर एसपी ने मामले की जांच सीओ प्रदीप सिंह को सौंप दी थी। बुधवार को सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि 20 मई को जगनपुर के जंगल मेें दो अज्ञात युवतियों के खून से लथपथ शव मिले थे। फोरेंसिक टीम मेरठ की टीम ने खून के धब्बों के सहारे आर्यपुरी बंजारा बस्ती के एक मकान की जांच की थी। जहां से टीम को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे, लेकिन तब से ही मकान मालिक परिवार सहित फरार हो गया था। 18 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे कोतवाली पुलिस की गाड़ी महिला कांस्टेबल के साथ संदिग्ध मकान मालिक के रिश्तेदार व उसकी पत्नी तथा बेटी को कोतवाली लाई थी। कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में महिला गाड़ी से उतरते नजर आ रही है। कोतवाल ने उन्हें फोन करके पूछताछ करने के लिए बुलाया था लेकिन उसी दिन शाम को यमुना में तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी जिस कारण किशोरों के शवों का पंचनामा भरने के बाद ही रात करीब नौ बजे वह कोतवाली पहुंचे थे। महिला पुलिस की मौजूदगी में मां-बेटी व उसके पिता से पूछताछ की थी। जिसके बाद तीनों को कोतवाली पुलिस की गाड़ी से उनके गांव छोड़ दिया गया था। मामले की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।