फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर फिर चर्चा में आया कैराना

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। पानीपत में नोमान इलाही की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर कैराना चर्चा में आ गया है। कस्बा कैराना देश विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान से सोना, हथियारों और नकली नोटों की तस्करी को लेकर पहले से ही बदनाम रहा। नोमान की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस सतर्क हो गई हैं।
विज्ञापन

कैराना के रहने वाले इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और हमीदा उर्फ फेमिदा के देश छोड़कर पाकिस्तान भागने के बाद भी कैराना के लोगों से उनका संपर्क बना रहा। समय-समय पर इसका खुलासा होता रहा है। जिले के कई लोग पूर्व में दिल्ली, हरियाणा, अटारी बॉर्डर समेत कई स्थानों पर अवैध हथियारों व जाली करंसी के साथ पकड़े जा चुके हैं।

एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि पिछले साल 16 अगस्त को शामली के घेरबुखारी निवासी कलीम व उसके भाई तहसीम को एसटीएफ ने आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों भाइयों पर आईएसआई के संपर्क में रहने और सोशल मीडिया व्हाट्सअप आदि के माध्यम से सूचनाएं भेजने का आरोप था। इसके अलावा कांधला निवासी सरदार अली 2023 में पकड़ा गया था। वह फिलहाल अपने घर पर है। उस पर पाकिस्तान आतंकवादी वारस का सहयोगी होने होने का आरोप था। वारस वर्ष 2000 में गिरफ्तार हुआ था, जो वर्तमान में जेल में है।
विज्ञापन




- 1990 के दशक में गठरी व्यवसाय से शुरू हुई थी पाकिस्तान से तस्करी



कैराना। नब्बे के दशक में कैराना में गठरी व्यवसाय अपने पूरे चरम पर था। गठरी व्यवसाय में महिलाओं को तीन हजार रुपये की दिहाड़ी पर पाकिस्तान से कपड़ा, पान, सुपारी, मिर्जा चप्पलों का कारोबार होता था, जो सोने की बिस्कुट व पिस्टलों की तस्करी तक पहुंच गया था। कैराना के लोगों की रिश्तेदारियां पाकिस्तान में होने के कारण यहां के लोग पाकिस्तान आते जाते थे। 90 के दशक में पाकिस्तान के डिस्को कपड़े व मिर्जा चप्पल की यहां बहुत मांग थी, जबकि भारत का पान, कत्था व सुपारी पाकिस्तान में पसंद किया जाता था। सोने की भी तस्करी की। सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक समान होने के बाद तस्कर सोने को छोड़कर पिस्टल की तस्करी करने लगे थे। कैराना निवासी इकबाल काना को दिल्ली में 361 पिस्टलों की खेप के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 1995 में इकबाल काना पाकिस्तान भाग गया था। वर्तमान में पंजाब प्रांत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में लगा है।



- बिहार के दरभंगा में हुए रेलवे ब्लास्ट में कैराना के चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार



कैराना। 17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट किया गया था। हालांकि ब्लास्ट में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन जांच के दौरान एनआईए की टीम ने कैराना में दबिश देकर ब्लास्ट के मामले में सलीम टुइयां व कफील को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई थी। इसके अलावा हैदराबाद से कपड़े को कारोबार करने वाले दो सगे भाइयों को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पता चला था कि इकबाल काना के कहने पर बिहार दरभंगा रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट का योजना बनाई गई थी।



- कोट



पानीपत में कैराना निवासी नोमान इलाही के पकड़े जाने का मामला जानकारी में आया है। जनपद शामली में नोमान पर पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जिले में पूर्व में आईएसआई के आरोप में पकड़े गए लोगों व उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच व निगरानी की जा रही है। - रामसेवक गौतम, एसपी शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें