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कैैश न मिलने पर भड़के, कर्मियों को बनाया बंधक

Tue, 22 Nov 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। गांव जसाला के बैंक में तीन दिन से कैश न होने के कारण उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। बैंक में देर से पहुंचे कर्मचारियों को बंधक बना लिया गया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में करते हुए जमकर हंगामा किया।
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रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक परिसर के बाहर सुबह पांच बजे से लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गईं। देहात क्षेत्र में भी लोगों का यही आलम है। जसाला में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक तीन दिन से बैंक में कैश न होने के चलते बैंक में केवल रुपये ही जमा हो रहा है। जिसके चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आरोप है कि सोमवार को बैंक प्रबंधक एसके वर्मा सहित बैंक स्टाफ बैंक में 11 बजे पहुंचा। जबकि उपभोक्ता बैंक में सुबह 6 बजे सेे कतार में लगे है। बैंक स्टाफ के देर से आने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया। बैंक कर्मचारियों को बैक के अंदर न जाते हुए बंधक बना लिया। 
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किसान सतीश, रमेश, कंवरपाल का आरोप है कि उनके घर में शादी है। बैंक कर्मचारी पैसा न होनेे की बात कहकर अपना पीछा छुटा रहे हैं। सूचना पर थानाध्यक्ष अनुराधा सिंघल ने पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।

बैंकों के चक्कर लगा रहे शादी वाले परिवार

ऊन। नोट बंदी के कारण शादी वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परेशान लोगों को बैंकों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उसके बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। 

गांव गांगोर निवासी सत्यवीर की पुत्री मनीषा की चार दिसंबर को शादी है। जिसके लिये उसे जिला सहकारी बैंक से पैसे निकालने हैं, मगर बैंक में कैश नहीं आ रहा है।

वहीं, गांव भड़ी मुस्तफाबाद निवासी अली नवाज के भाई की शादी 27 नवंबर को है। अली नवाज ने पीएनबी चौसाना से 90 हजार निकलवाने की मांग की है। गढ़ीपुख्ता निवासी ऋषिपाल की बेटी रानी की शादी 25 नवंबर को है। उन्होंने पीएनबी गढ़ीपुख्ता से पैसे निकालने हैं। उक्त पीड़ित परिवार के लोग सोमवार को एसडीएम ऊन कार्यालय पहुंचे। बैंक में जाते हैं तो कह दिया जाता है कि किसी प्रशासनिक अधिकारी के हस्ताक्षर कराकर लाओ। एसडीएम से मुलाकात नहीं होने के कारण पीड़ित मायूस लौट गए।
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