फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह मामलों में न्यायधीश ने 6 दोषियों को सजा सुनाई

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली, कैराना। जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने छह मामलों में दोष सिद्ध पाए जाने पर 6 मुजरिमों को सजा सुनाई। जिसमें लूट, चोरी और अवैध हथियार की बरामदगी से संबंधित मामले थे।
विज्ञापन

केस-1
वर्ष 2015 में संजीव निवासी बुढ़ाना ने कैराना कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बदमाश ने उसकी बाइक लूट ली। पुलिस ने बाइक को बरामद करते हुए आरोपी इसरार निवासी जहानपुरा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। बृहस्पतिवार को उक्त मुकदमे में दोष सिद्ध पाये जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने इसरार को 6 साल 3 माह कारावास व 4 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-2
वर्ष 1989 में शामली पुलिस ने मुकेश निवासी गांव बलवा को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी से चोरी का माल भी बरामद हो गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने मुजरिम मुकेश को जेल में बिताई अवधि व एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन

केस-3
वर्ष 1992 में कैराना क्षेत्र के गांव घिस्सूगढ़ निवासी सत्यपाल को पुलिस ने अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुजरिम सत्यपाल को 2 माह कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-3
शामली पुलिस ने वर्ष 2021 में नईम निवासी मोहल्ला पठानकोट थाना बड़ौत जिला बागपत को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने मुजरिम नईम को 5 माह कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-5
कैराना पुलिस ने 2021 में वासिद निवासी आर्यपुरी को अवैध शराब व अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोष सिद्ध पाये जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुजरिम वासिद को 5 माह कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-6
बाबरी पुलिस ने वर्ष 2004 में धर्मवीर निवासी खानपुर थाना बाबरी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने मुजरिम धर्मवीर को 3 माह कारावास व 25 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमों की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनु तोमर ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें