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दिगंबर जैन समाज के पर्यूषण पर्व आज से शुरु जिनालयों को रंगीन रोशनी से सजाया --सुबह छह बजे से जिनालयों में होंगे विधान, देररात ह

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शामली मौहल्ला धर्मपुरा में रंग बिरंगी रोशनी से सजा जैन मन्दिर - फोटो : SHAMLI
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रंगीन रोशनी से सजे जैन मंदिर
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शामली। दिगंबर जैन समाज के मंगलवार से शुरू होने वाले दशलक्षण पर्व के मद्देनजर शहर के सभी जिनालयों - जैन मंदिरों को रंगीन रोशनी से सजा दिया गया है। सुबह छह बजे शुरू होने वाले विधान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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12 सितंबर को पर्यूषण पर्व खत्म होने के बाद 14 सितंबर को क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। श्वेतांबर स्थानक मंदिर में जैन सभा की ओर से पर्यूषण पर्व के सातवें दिन दिल्ली से आए पंकज जैन- प्रवीण जैन द्वारा जैन धर्म पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि जीवन में आराधना बड़े ही पुण्य से जीव को भगवान की विशेष कृपा से प्राप्त होती है। पर्यूषण पर्व का जैन धर्म में विशेष महत्व है। महावीर भगवान का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान के प्रति समर्पण होना जरूरी है। जैन धर्म में हर साल पर्यूषण पर्व आते हैं, जो एक फलदाई हैं। जैन कुल में पैदा वाले लोगों से कहा कि वह अपने कर्म को पहचानें। इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक जैन, जिनेंद्र जैन एडवोकेट, अशोक जैन निकुंज जैन, सिकंदर जैन, अंकित जैन, विमल जैन, राजीव जैन, आलोक जैन आदि मौजूद रहे। उधर, दिगंबर जैन समाज के मंगलवार से शुरू होने वाले दशलक्षण पर्व के मद्देनजर शहर के रेलवे रोड महावीर जिनालय, मौहल्ला धर्मपुुरा में स्थित आदि नाथ जिनालय, जैन मौहल्ला स्थित भगवान पार्श्वनाथ जिनालय में सुबह छह बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक विधानाचार्य द्वारा विधान का पाठ आयोजित किए जाएंगे। शाम साढ़े छह बजे लेकर सात बजे तक विधानाचार्य द्वारा प्रवचन, सात बजे आरती और साढे़ सात बजे से लेेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बारह सितंबर को पर्यूषण पर्व समाप्त होंगे। आगामी 14 सितंबर को क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। उद्यमी मोहित जैन ने बताया कि मंगलवार से शुरू होने वाले पर्यूषण पर्व के मद्देनजर सभी जिनालयों और मंदिरो को रंगीन रोशनी से सजा दिया गया है।
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