सोमवार को हरियाणा में सड़क हादसे में शराफत की मौत होने पर शाम करीब 6:00 बजे उसके शव को पैतृक गांव पंजीठ लाया गया था। जहां गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। मौत से परिजनों का रो -रो कर बुरा हाल था।
गुड़ बेचकर अपने परिवार का गुजारा करता था शराफत अली
बड़ौत के बड़का गांव के गुड़ विक्रेता की सोमवार की तड़के रोहतक-भिवानी मार्ग पर लाहली गांव के पास बुलेरो की टक्कर से मौत हो जाने की सूचना पर गांव में शोक है।
गुड़ विक्रेता शरफात अली के बारे में बताया गया कि वह मूलरूप से कैराना के पास पंजीट जनपद शामली का रहने वाला था। तकरीबन 25 साल पहले बड़का गांव में आकर बस गया था और यहां पर अपने बेटे परवेज, बेटी पारूल व अन्य के साथ रहता था। गुड़ बेचकर ही वह अपने परिवार का गुजारा करता था। कोल्हुओं में गुड़ बनवाता था और फिर उसे बेचने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सहित अन्य जनपदों व राज्यों में जाता था। रविवार को वह गांव से हरियाणा गुड़ बेचने के लिए अपने भतीजे तासिम, बेटे परवेज के साथ गया हुआ था।
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