रिदम और उज्जवल अन्य खिलाड़ियों के साथ
- फोटो : Amar Ujala
दरअसल, शामली जिले के लांक गांव के रहने वाले प्रदीप मलिक खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उज्जवल के पिता प्रदीप मलिक ने बताया कि कुरुक्षेत्र में बुआ के यहां से उज्जवल ने कक्षा 12वीं की परीक्षा पास की थी। पहले उज्जवल वॉलीबाल खेलते थे। जिला स्तर पर भी कुछ मेडल हासिल किए। मगर बाद में वह बीए की पढ़ाई करने के लिए शामली आ गया। शामली में गांव के एक खिलाड़ी को देखकर उसने शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की।
आर्थिक परेशानी भी आड़े आई। मगर पिता ने उज्ज्वल का हौंसला बढ़ाया। उधार रुपये लेकर उज्जवल को पिस्टल दिलाई। उज्जवल शामली में ही प्रैक्टिस करता था। इसके बाद वर्ष 2023 में उज्जवल नेवी में कोयंबटूर में सिपाही के पद पर तैनात हो गया।
कई नेशनल से लेकर अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में मेडल हासिल कर नाम रोशन किया। अब उज्जवल ने मिश्र में हुए आईएसएसएफ विश्व कप में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है। पिता का कहना है कि उन्हें उज्जवल पर गर्व हैं।
उज्जवल ने बताया कि अब उसका और रिदम का सलेक्शन फरवरी माह में स्पेन में ंहोने वाले वर्ल्ड कप के लिए हो गया है। वर्ल्ड कप 12 फरवरी से शुरू होना है। 9 फरवरी को वह दिल्ली मे कैंप के लिए जायेगा। इसके बाद स्पेन के लिए नारनौल की साथी खिलाड़ी रिदम के साथ रवाना होगा। कहा कि देश की झोली में गोल्ड डालना ही लक्ष्य है। जिसके लिए कड़ी दोनों ने कड़ी मेहनत की हुई है।
उज्जवल की उपलब्धियां
-वर्ष 2021 में नोएडा में हुई स्टेट 10 मीटर एयर शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल
-भोपाल में वर्ष 2023 में हुई नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल
-वर्ष 2024 में इंडोनेशिया जर्काता में हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल।
रिदम और उज्जवल अन्य खिलाड़ियों के साथ
- फोटो : Amar Ujala
उज्जवल का खिलाड़ियों को संदेश
लक्ष्य ओलंपिक में खेलकर देश की झोली में गोल्ड डालने का है। जिसके लिए कड़ी मेहनत की जा रही है। खिलाड़ियों को कोई भी परिस्थिति हो, मेहनत करते रहना चाहिए।मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। मुझे अभी तक माता,पिता,कोच और अन्य का पूरा स्पोर्ट मिला है। हार भी हमें जीत के लिए प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों को हारने के बाद भी हिम्मत नहीं हारते हुए मेहनत पर ध्यान देना चाहिए। एक दिन सफलता जरूर मिलती है।
6 से 7 घंटे करते हैं प्रैक्टिस
उज्जवल का कहना है कि वह छह से लेकर सात घंटे तक हर रोज प्रैक्टिस करते हैं। जिसके लिए उनके कोच और परिजनों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
उज्जवल के घर पर मना जश्न
- फोटो : Amar Ujala
फोन पर दी सूचना, बोले- पापा गोल्ड जीत लिया है
गोल्ड जीतने के बाद उज्जवल ने शनिवार की देर रात पिता प्रदीप मालिक को कॉल किया। कहा कि पापा गोल्ड जीत लिया है। जिस पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रदीप मलिक ने बेटे को कहा कि बेटा गोल्ड तो ठीक है मगर अभी मंजिल बाकी है।
प्रदीप मलिक का कहना है कि उनका सपना बेटे को ओलंपिक में गोल्ड लाते देखना है। उज्जवल की मां सरोज देवी गृहणी हैं, उन्होंने कहा कि बेटे का सपना पूरा हो,इसके लिए भगवान से प्रार्थना कर रही हूं। गोल्ड जीतने पर बेटे को बधाई।
विश्व कप में रिदम के साथ जीता गोल्ड मेडल
आईएसएसएफ विश्व कप में शामली के लांक गांव के उज्जवल और रिदम सांगवान की जोड़ी ने शनिवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में एलमिरा कारापेयन और बेनिक खलघाटयान की अर्मेनियाई जोड़ी को 17-17 से हराकर भारत को आईएसएसएफ विश्वकप में पहला स्वर्ण पदक दिलाया।