शामली। आईएसआई एजेंट तहसीम उर्फ मोटा अगस्त माह के बाद से खुद का मोबाइल फोन प्रयोग नहीं कर रहा था। वह उत्तराखंड के देहरादून, पंजाब के अमृतसर और लुधियाना में दोस्तों के मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहा था। एसटीएफ की जांच में यह बातें सामने आई हैं। उधर एसटीएफ ने गिरोह के फरार चल रहे सदस्य सहारनपुर के युसुफ समशी की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी।
शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम उर्फ मोटा और सहारनपुर निवासी युसूफ उर्फ समशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसटीएफ ने तीन दिन पूर्व ही आरोपी तहसीम उर्फ मोटा को गिरफ्तार किया था। कोतवाली पुलिस और एसटीएफ मामले की जांच में जुटी हुई है।
एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि तहसीम उत्तराखंड और पंजाब के अपने तीन दोस्तों के मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहा था। वह जिससे भी बात करता था, दोस्तों के मोबाइल फोन से ही करता था। जांच की जा रही है कि कहीं तहसीम के दोस्त भी आईएसआई एजेंट तो नहीं बन गए हैं। उनकी गतिविधियां किस तरह की रही, इसका पता लगाने के लिए पंजाब और देहरादून पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।
कैराना, सहारनपुर के कई लोग रडार पर
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार कैराना ओर सहारनपुर के भी कई लोगों की जांच की जा रही है जो तहसीम के संपर्क में थे। उनकी गतिविधियों के बारे में लोगों से भी जानकारी हासिल की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्य भी जल्द गिरफ्त में होंगे।