रुपयों के लालच में ही आरोपी पिछले दो साल से लगातार सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह अपनी तरफ से की गई चैट को मोबाइल से बात करने के बाद डिलीट कर देता था, जबकि पाकिस्तानियों की चैट उसके मोबाइल में मिली है। वीडियो कॉल के सुबूत भी मिले हैं।
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उधर, उसकी बहन जीनत का कहना है कि उसे पता होता तो धक्के देकर घर से बाहर निकाल देती। नोमान ने गलत किया तो हर हाल में सजा मिलनी चाहिए। उधर, कैराना में आरोपी के मकान पर अभी भी ताला लटका हुआ है।