शामली। विधानसभा चुनाव के चलने से इस बार रेल और आम बजट संयुक्त होगा। आयोग का निर्देश है कि जिन राज्यों में चुनाव हैं, उनमें ऐसी कोई घोषणा नहीं की जाएगी, जिससे चुनाव प्रभावित हो। इसके बावजूद जिले की जनता को शाहदरा से लेकर सहारनपुर बाईपास, टपरी तक रेलवे दोहरीकरण और मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन जैसे पुराने प्रोजेक्ट के लिए बजट की व्यवस्था होने की संभावना है।
विधानसभा चुनाव के कारण इस बजट में नई ट्रेनें, यात्रियों की सुविधाओं की नई सौगात नहीं मिल पाएंगी। उत्तर रेलवे नई दिल्ली के अधिकारियों के मुताबिक इस बार रेल बजट में शामली, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के घोषणाओं की खास उम्मीदें नहीं दिख रही हैं। दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग पर शाहदरा से लेकर सहारनपुर बाईपास टपरी तक रेलवे के दोहरीकरण, विद्युतीकरण, अंडरपास, शामली में मेरठ- करनाल फोरलेन पर बुढ़ाना रोड पर ओवर ब्रिज, मेरठ- पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए सालाना बजट की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
रेल बजट में पुरानी परियोजनाओं पर ध्यान दिया जा सकता है। शाहदरा से लेकर टपरी तक रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण-विद्युतीकरण की आधार शिला रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा 17 दिसंबर को सहारनपुर जिले के ननौता कस्बे में भाजपा सांसद हुकुम सिंह के विशेष अनुरोध पर रख चुके हैं। सांसद का कहना है कि चुनाव वाले प्रदेशों को नया कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन पुराने प्रोजेक्ट पूरे कराने के लिए बजट दिया जा सकता है।