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Iran-Israel Tension: युद्ध के बीच ईरान के बंदर अब्बास में फंसा कैराना का युवक, परिजनों से कटा संपर्क

Sun, 22 Jun 2025 01:57 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: कैराना निवासी मेहंदी अब्बास की परिजनों से चार दिन पहले आखिरी बार बात हुई थी। उसकी ईरान में पानी के जहाज पर काम करने के लिए नौकरी लगी थी। परिजनों में डर बना हुआ है। 
 
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कैराना का मेहंदी अब्बास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इजराइल ईरान युद्ध के चलते कैराना निवासी 25 वर्षीय कायम मेहंदी ईरान के अब्बास बंदरगाह पर फंस गया है। 4 दिन से फोन पर बात भी नहीं होने के चलते परिजन परेशान हैं और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
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मोहल्ला सिदरयान निवासी वसी हैदर साकी ने बताया कि उसके दो बेटों में छोटा बेटा कायम मेहंदी ने मर्चेन्ट नेवी को कोर्स कर रखा है। कायम मेहंदी 6 मई को फ्लाइट द्वारा दुबई गया था। वहां से 8 दिन बाद पानी के जहाज से ईरान के अब्बास बंदरगाह पर पहुंचा था।
 

एक एजेंट ने ईरान में कायम मेहंदी की पानी के जहाज पर नौकरी कराने का एग्रीमेंट किया था। अब्बास बंदरगाह पर रहने के दौरान युद्ध के हालत बहुत खराब हो गए जिस कारण उसके बेटे को बंदरगाह के पास ही एक कमरे में ठहरा दिया है। ईरान की आर्मी ने बाहर निकलने से मना कर रखा है। पानी के जहाज भी बंद कर दिए हैं।
 

चार दिन पहले फोन पर बेटे से बात हुई थी, लेकिन उसके बाद बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके परिवार को बेटे की चिंता सताए जा रही है। वो आज भी शामली एलआईयू के आफिस में आए हैं तथा बेटे के बारे में जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल इतना बताया गया कि उनका बेटा सुरक्षित है तथा ईरान के अब्बास बंदरगाह के पास ठहरा है। अभी फ्लाइट या पानी के जहाज से आने की कोई उम्मीद नहीं है। उनका परिवार भारत सरकार से मांग करता है कि उनके बेटे को ईरान से सकुशल बाहर निकाला जाए।
 
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मैं यहां फंसा हूं, बाहर नहीं निकलूंगा
वसी हैदर साकी ने बताया कि कायम मेहंदी से चार दिन पहले फोन पर बात हुई थी। उसने बताया था कि अभी फंसा हुआ हूं। मगर यहां के हालात ज्यादा खराब है। फ्लाइट भी बंद हो चुकी है। हमारे बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इसलिए अभी वापस लौटना मुश्किल होगा। युद्ध चल रहा है, इसलिए यहां से बाहर नहीं जा पा रहा हूं। खाने पीने की व्यवस्था है। जहां पर मैं फंसा हूं, वहां से करीब 700 किलोमीटर की दूरी पर युद्ध चल रहा है। अब मेहंदी से परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।

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