शामली। दरभंगा विस्फोट मामले में पकड़े गए सलीम और कफील को जांच एजेंसियां अपने साथ लेकर चली गईं हैं। कई दिनों से उन्हें जिले में रखकर ही पूछताछ की जा रही थी। पूरे आपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया और स्थानीय पुलिस पूरी तरह चुप्पी साधे रही।
17 जून को दरभंगा स्टेशन पर पार्सल में हुए विस्फोट के बाद मिला मोबाइल नंबर शामली का होने का पता चलते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं थी। बताया गया कि सलीम उर्फ टुइया को घटना के चार दिन बाद ही उठा लिया गया था। उससे पूछताछ के बाद कफील को उठाया गया। कफील के पिता शकील ने बताया है कि कफील को झिंझाना से 23 जून को उठाया था। तब से उसका कुछ पता नहीं है। वह कई बार थाने भी जा चुका है, लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं दी गई। दोनों लोगों को अलग-अलग स्थानों पर रखकर पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि कई दिन तक पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों की टीम दोनों को अपने साथ ले गई है। उधर, एसपी सुकीर्ति माधव ने इस संबंध में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया।
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लेडीज सूट का कारोबार करने वालों पर निगाह
शामली। दरभंगा स्टेशन पर जिस पार्सल में विस्फोट हुआ है उसमें लेडीज सूट मिले हैं। पार्सल पर शामली का नंबर मिलने के बाद जांच एजेंसियां शामली में सक्रिय हुईं। कैराना क्षेत्र में लेडीज सूट का कारोबार करने वालों पर भी निगाह रखी जा रही है।
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सक्रिय मोबाइल नंबरों की हो रही जांच
दरभंगा विस्फोट मामले में जांच एजेंसियां दरभंगा और आंध प्रदेश के सिकंदराबाद में सक्रिय नंबरों की जांच कर रही है। जांच की जा रही है कि जिस समय पार्सल की बुकिंग हुई उस समय वहां शामली जनपद से जुड़ा कोई मोबाइल सक्रिय तो नहीं था। इसी के साथ ही जहां डिलीवरी होनी थी और जहां विस्फोट हुआ वहां भी जिले में सक्रिय मोबाइल नंबरों की तलाश की जा रही है।
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तीन इंच की शीशी ने देशभर में मचाई हलचल
शामली। दरभंगा स्टेशन पर जिस पार्सल में विस्फोट हुआ उसमें तीन इंच की एक शीशी में केमिकल था। इस तीन इंच की शीशी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। बताया गया है कि छोटी शीशी में जो केमिकल मिला है उसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। इस विस्फोट के पीछे बड़ी साजिश मानकर जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं।