30 घंटे रुक-रुककर हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
शामली। पश्चिमी विक्षोभ का एक बार फिर सक्रिय हो जाने के बाद शनिवार और रविवार को पूरा दिन रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के साथ 3 किमी प्रति घंटे की गति से बर्फीली हवा चलने से मौसम मेें ठिठुरन पैदा हो गई। रविवार को बारिश के चलते लोग घरों में ही कैद रहे। बूंदाबांदी से गेहूं, गन्ना और आलू समेत कई फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
पिछले तीन सप्ताह से कड़ाकेदार सर्दी का सिलसिला नहीं थम पारहा है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शनिवार को सुबह से बूंदाबांदी रुक-रुककर होती रही। शनिवार की पूरी रात और पूरे दिन रुक-रुककर बूंदाबांदी होने से जनजनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। रविवार को सुबह से लेकर देर शाम तक आकाश में बादल और रिमझिम बारिश होती रही। रिमझिम बारिश से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले 30 घंटे में दिन का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस, रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वी यमुना नहर खंड के उप राजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि पिछले 30 घंटे में 30 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। जनवरी में 162 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज हो चुकी है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप शाही के मुताबिक सोमवार को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि होने से ठंड बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर एक सप्ताह ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
बूंदाबांदी से गन्ना, गेहूं, आलू और सरसों को भारी नुकसान
इस साल जनवरी में 162 एमएम रिकॉर्ड तोड़ बारिश होने से गन्ना, गेहूं, आलू और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले 30 घंटों में 30 एमएम बारिश रिकार्ड हो चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक ज्यादा लंबे समय तक बूंदाबांदी होने से गन्ना, गेहूं, आलू, सरसों की फसलों को नुकसान है। ज्यादा बारिश से गेहूं की पत्तियां पीली पड़नी शुरू हो जाएंगी। गेहूं के पौधे की बढ़ोतरी रुक जाएगी। पछेती आलू के कंद बनने की प्रक्रिया धीमी होगी। खुदाई के नजदीक आलू में बढ़ाव प्रभावित होगा। लंबे समय तक ऐसा आलू का भंडारण नहीं हो सकेगा। उनका कहना है कि शरदकालीन गन्ने की पत्तियां खराब हो जाएंगी। सरसों में फूल की अवस्था चल रही है। बारिश होने से प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सरसों की बालियां कमजोर होगी। बूंदाबांदी से बिना मेढ़ वाली सब्जियां प्रभावित होंगी।
जनवरी में अब तक बारिश के आंकड़ों पर नजर
दिनांक बारिश एमएम में
6 जनवरी 8 एमएम
7 जनवरी 7 एमएम
8 जनवरी 39 एमएम
9 जनवरी 38 एमएम
10 जनवरी 40 एमएम
23 जनवरी 30 एमएम