7वीं से 12वीं तक की पढ़ाई ही आगे आती है काम
शामली। कक्षा सात से 12वीं तक जो आपको क्लास में पढ़ाया जाता है, बस उसे ही पूरा ध्यान लगा करके पढ़ो। जब तक समझ में ना आए टीचर से सवाल करते रहो। आगे प्रतियोगी परीक्षाओं में इसी सिलेबस से संबधित सवाल घुमा फिराकर पूछे जाते हैं। बस जो काम करो मन से करो यही सफलता का रास्ता है।
शहर के सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी विनीत जायसवाल ने ये टिप्स छात्राओं को दिए। बताया कि साइबर क्राइम से हर कोई परेशान है। यदि एटीएम बूथ में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद है तो उसे बाहर करने के बाद ही अपनी ट्रांजेक्शन करें। पिन को छिपाकर दबाएं। स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हुए, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उसमें प्राइवेसी ऑप्शन लगा हो जिससे कोई आपके फोन का गलत इस्तेमाल न कर सके। किसी भी एप को इंस्टॉल करते समय टर्म एंड कंडीशन को ढंग से पढ़कर ही एक्सपेक्ट पर क्लिक करें। ई-मेल के जरिये आए किसी लिंक को खोलने से पूर्व उसकी विश्वसनीयता को परख लें।
कहा कि बड़ा अफसर बनने को जरूरी नहीं है कि अच्छे संसाधन जरूरी है। कम संसाधनों में पढे़ निर्धन बच्चे भी आईएएस, आईपीएस बन रहे हैं। उनके एक एक दोस्त के पिता पुलिस में सिपाही हैं और उनका बेटा आज एसपी है। इसलिए संसाधन से ज्यादा ध्यान लगाकर पढ़ना जरूरी है। प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, उप प्रबंधक समिति अध्यक्ष सुभाष चंद एरन, कविता गुप्ता, संजीव, विकास, संदीप आदि शिक्षकों के अलावा समाजसेवी के अलावा अपराजिता टीम से वीना अग्रवाल, मानसी उपाध्याय आदि का सहयोग रहा।
सेल्फ डिफेंस-ताइक्वांडो के टिप्स भी दिए
कार्यक्रम में ट्रेनर अंजली विश्वकर्मा ने छात्राओं को ताइक्वांडो के गुर भी सिखाए। उन्हें किक, पंच, डबल पंच आदि के बारे में बताया। कहा कि विपरीत हालातों में छात्राएं अपने पानी की बोतल, हेयर पिन, नाखून को भी हथियार बनाकर मुकाबला करें लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी मन मजबूत होना चाहिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा
कालेज की छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों पंजाबी ,देशभक्ति गीत के अलावा रिमिक्स गीतों पर कई राज्यों का लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। छात्रा दिव्या वशिष्ठ, मौली चौधरी, चंचल, शगुन, प्राची, छवि आदि छात्राओं ने अच्छा कार्यक्रम दिए। श्रष्टि और रिया ने संचालन किया।
छात्राओं के सवाल और एसपी के जवाब
सवाल : कक्षा 11 की श्रृष्टि ने पूछा वो आईएएस या आईपीएस बनना चाहती है। किस तरह पढ़ाई करें।
जवाब : एसपी ने कहा कि इसके लिए कक्षा सात से 12वीं तक की पढ़ाई पूरे ध्यान से करो। आगे प्रतियोगी परीक्षाओं में इन्हीं कक्षा में हुई पढाई से संबधित सवाल ही घुमा फिराकर आते हैं। उन्हें खुद आईपीएस की परीक्षा की तैयारी के लिए बाद में ये किताबें खरीदनी पड़ी थी। जब तक क्लास में समझ में ना आए टीचर से पूछते रहो।
सवाल : कक्षा-11 की छात्रा शुभाक्षी ने एसपी से पूछा कि यदि किसी को मोबाइल पर कॉल कर कोई परेशान करे तो क्या करें।
जवाब : एसपी ने कहा कि 1090 नंबर पर कॉल करें। ये कॉल सीधे लखनऊ अटेंड होती है। जिस नंबर से गलत कॉल या एसएमएस आता है वो नंबर नोट करा दें। शिकायत करने वाले का नाम पता गोपनीय रखा जाएगा और पुलिस अपने स्तर से कॉल करने वाले को उसी के भाषा में समझा देगी। 90 प्रतिशत मामले इसी तरह सुलझ जाते हैं।
सवाल : कक्षा-11 की पारूल ने पूछा कि सोशल मीडिया या इंटरनेट का प्रयोग सही है या नहीं।
जवाब : एसपी ने कहा कि इंटरनेट पर अच्छी और बुरी सब चीजें हैं ये आप पर डिपेंड करता है कि आप उसका किस तरह यूज करते हैं। वैसे आज इंटरनेट और स्मार्ट फोन जरूरत बन रहा है। पढ़ाई लिखाई की हर चीजें इस पर मौजूद हैं। बेहतर हो कि इसका सही ढंग से प्रयोग करें।
सवाल : कक्षा 11 की रिया मलिक ने कहा पूछा कि क्रेडिट-डेबिट कार्ड से फ्राड हो रहा है। रोज अखबार में पढ़ते हैं इसे यूज करने में डर लगता है।
जवाब : एसपी ने कहा कि ये आजकल साइबर क्राइम करने वाले लोगों को कॉल करके डराते हैं कि उनका एटीएम कार्ड बंद होने वाला है। वे उनके एटीएम कार्ड पर लिखे नंबर, आदि सब जानकारियां पूछते हैं । आप किसी को भी इस तरह की जानकारी ना दें। बैंक कभी भी इस तरह की जानकारी नहीं पूछता। यही इस फ्राड का सबसे बड़ा बचाव है।
सवाल : कक्षा नौ की शालू ने पूछा कि बड़ा अधिकारी बनने के लिए क्या जरूरी है।
जवाब : एसपी ने बताया कि मन लगाकर पढ़ना। मेहनत, संयम, परिश्रम से हुई पढ़ाई सफलता दिलाती है। जो भी काम करें मन से करें। जिस वक्त खेलते हो पूर मन खेल में लगाओ। जब पढ़ते हो तो पढ़ाई में। यही सफलता तक ले जाती है।