बताया गया कि इसके बावजूद कंपनी ने मार्च 2018 में यह कहकर दावा निरस्त कर दिया कि गाय का हुलिया मेल नहीं खाता। बाद में भैंसवाल की बैंक शाखा ने भी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दावा सही माना, फिर भी बीमा क्लेम नहीं दिया गया।
लंबी सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार ने आदेश दिया कि कंपनी किसान को मृत गाय का बीमा क्लेम 70 हजार रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। साथ ही, मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये, वाद व्यय के 10 हजार और 10 हजार अर्थदंड वरिष्ठ शाखा प्रबंधक पर लगाया गया है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन 45 दिन में न होने पर दोषी के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 71 और 72 के तहत कार्रवाई की जाएगी।