शामली। कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बनत, कैराना, झिंझाना, ऊन और थानाभवन के अधिशासी अधिकारी बिना अनुमति के नदारद पाए गए, जिस पर डीएम ने सभी का स्पष्टीकरण तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू एवं एनआरसी की भौतिक प्रगति, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व दी जाने वाली सेवाओं, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, एफआरयू, टीकाकरण, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम तथा आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की। जिन कार्यक्रमों में प्रगति संतोषजनक नहीं मिली, उनमें सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
डीएम ने कुपोषित (सैम एवं मैम) बच्चों की समीक्षा करते हुए उन्हें जिला अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती कराने और उन्हें मिलने वाले पोषाहार का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बृजेंद्र शुक्ल, पीडी डीआरडीए प्रेमचंद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार, एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल आदि मौजूद रहे।