शामली में नशामुक्ति केंद्र पर छापामारी की कार्रवाई करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।
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शामली में नहर के पास स्थित नशा मुक्ति केंद्र में पहुंचे भाकियू नेताओं के साथ वहां पर बैठे कुछ युवकों ने अभद्रता कर दी। इस पर भाकियू नेताओं ने हंगामा कर दिया। उनकी ओर से यहां स्टाफ की मनमानी और व्यवस्था में खामियों की शिकायत की। बाद में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच की तो न तो डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन मिला और न जरूरी दवाएं। विभाग की ओर से संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
शनिवार को भाकियू नेता विनोद निर्वाल शामली के नहर पर स्थित नशा मुक्ति केंद्र पर बिलाल व फुरकान के साथ पहुंचे। यहां पर उन्होंने बाहर बैठे गार्ड से वहां पर इलाज के लिए लाए गए युवक केसर पुत्र इकबाल से मुलाकात करने के लिए अनुमति मांगी। बताया जाता है कि गार्ड ने मना कर दिया। इसी दौरान अंदर से केसर आ गया तो बिलाल से बात की। इस पर अंदर से आए अन्य लोगों ने भाकियू नेता के साथ अभद्रता कर दी। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। मामले की शिकायत एसडीएम तक पहुंचने के बाद एसीएमओ डा. सफल कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर मनुशंकर पुलिस के साथ पहुंचे।
भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि यहां का स्टाफ अभद्रता और मारपीट करता है। यहां न जरूरी दवाएं हैं और न सुविधाएं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो न तो किसी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन मिला और न ही जरूरत की दवाएं। केसर ने बताया कि यहां बंधक बनाकर रखा जाता है और विरोध करने पर पीटा जाता है। विभाग की ओर से संचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।