शामली। राष्ट्रीय किसान कालेज में आयोजित वेबिनार में नई शिक्षा नीति-2020 स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा ग्रामीण परिवेश के आर्थिक रूप से पिछड़े हुए बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा दिलाने पर जोर रहा।
राष्ट्रीय किसान (पीजी) कालेज एवं नेशनल एजूकेशन एनरीचमेंट इन विलेज (नीव) द्वारा संयुक्त रूप से वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के भौतिक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीरपाल सिंह ने विस्तार से नई शिक्षा नीति-2020 की जानकारी दी। मुख्य वक्ता मान्यवर कांशीराम राजकीय डिग्री कालेज गाजियाबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं नीव के कोर्डिनेटर डा. उपदेश वर्मा नींव के बारे में बताया। नई शिक्षा नीति- 2020 में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम की रूप रेखा में परिवर्तन किया जा रहा है। स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्ष का होने वाला है और हर वर्ष को अलग अलग डिग्री प्रदान की जाएगी। वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत ग्रॉस एनरोलमेंट रेसो का लक्ष्य है। प्रोफेसर संजीव कुमार ने कालेज के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य विषय पर चर्चा की। वेबिनार में देश के विभिन्न स्थानों एवं संस्थाओं से करीब 300 लोग शामिल हुए। वेबिनार के संरक्षक कालेज प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार रहे।