शामली। आईआईटी की फीस बढ़ाए जाने से गरीब परिवारों के बच्चों के सामने संकट पैदा होगा। इस तरह के संस्थानों में भी फीस बढने से अब अमीर परिवारों के बच्चे ही शिक्षा प्राप्त करेंगे।
अधिकतर लोगों ने फीस बढ़ाए जाने को गलत बताया है। पहले आईआईटी में पढ़ाई के लिए 90 हजार रुपये फीस के जमा होते थे। अब यह फीस बढ़कर दो लाख रुपये हो गई है। फीस बढ़ने से आईआईटी की तैयारी कर रहे उन छात्रों को जरूर परेशानी झेलनी पड़ेगी, जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है।
आईआईटी जैसे संस्थान में फीस बढ़ाना गलत है। यहां फीस बढने से गरीब बच्चों के सपने पूरे नहीं हो सकेंगे। बल्कि इन संस्थानों में तो फीस का निम्रतम स्तर रखना चाहिए, ताकि हर बच्चा मेहनत कर यहां से पढ़ाई पूरी कर सके। ---डा. मनेन्द्र आर्य, शामली।
एक तरह से फीस बढ़ाना सही है। अक्सर देखने में आया है कि यहां पढने वाले बच्चे बाद में इंजीनियर न बनकर प्रशासनिक सेवाओं में चले जाते हैं। जो गलत है। इसलिए फीस का बढ़ाना सही है।-- सुभाष तोमर।
इन संस्थानों की फीस बढ़ाने का औचित्य नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। खासकर गरीब वर्ग के लिए। यह बच्चे किसी तरह आईआईटी में प्रवेश के लिए कोचिंग आदि का खर्च झेल लेते हैं, लेकिन फिर प्रवेश के लिए उन्हें महंगी फीस भरनी पड़ेगी। जिससे परेशानी होगी--राके श कुमार, शामली।
गरीब वर्ग के लिए फीस के बढने से दिक्कत पैदा होगी। आईआईटी की कोचिंग वैसे ही बहुत महंगी पड़ती है। ऐसे में प्रवेश फीस बढ़ाने से उन पर दोहरी मार पड़ेगी--वीजी सिंह, शामली।