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Shamli News: कहीं मंदिर में पाठशाला, कहीं चौपाल में कक्षाएं

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प्राथमिक विद्यालय अलाउदीनपुर का जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण होने के बाद मजबूरी में खुले में चलती पढ
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जर्जर भवन टूटे, नए बने नहीं, एक कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे पढ़ने को मजबूर
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बिल्लू मलिक

शामली। जिले के परिषदीय स्कूलों की हालत खराब है। किसी को मंदिर के कमरे में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है तो किसी की पाठशाला पंचायत भवन और चौपाल में चल रही है। जर्जर स्कूल भवनों को बच्चों की सुरक्षा के लिए ध्वस्त तो करा दिया गया, लेकिन उनकी जगह नए भवन नहीं बन सके। नतीजा, नौनिहालों की पढ़ाई वैकल्पिक इंतजामों के सहारे चल रही है। कहीं एक कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं तो कहीं छोटे-छोटे कमरों में सैकड़ों विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों की इस बदहाल व्यवस्था में बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल बनाना भी चुनौती बना हुआ है।
- पंचायत भवन में 185 बच्चों का स्कूल
गांव बलवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण स्कूल को पंचायत भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। विद्यालय में 185 बच्चे पंजीकृत हैं। पंचायत भवन में एक बड़ा और दो छोटे कमरे हैं। इन्हीं कमरों में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक बिजेंद्र कुमार ने बताया कि पुराने भवन को अभी ध्वस्त भी नहीं किया गया है। बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था में काफी परेशानी हो रही है।
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- एक कमरे में पांच कक्षाओं के 60 बच्चे

प्राथमिक विद्यालय अलाउद्दीनपुर दूधली का जर्जर भवन इसी वर्ष ध्वस्त किया गया था। इसके बाद नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब स्कूल परिसर में बने एक कमरे में पांच कक्षाओं के 60 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जगह की कमी के चलते बच्चों को पेड़ की छाया में बैठाकर भी पढ़ाना पड़ता है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
- मंदिर के कमरे में चल रही पांच कक्षाओं की पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय शाहपुर का भवन कई वर्ष पहले जर्जर होने के कारण ध्वस्त कर दिया गया था। तब से पास के मंदिर के एक कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका मंजूलता ने बताया कि नए भवन का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई मंदिर के कमरे पर निर्भर है।-
- मंदिर में 72 बच्चे, चौपाल में चल रहा स्कूल

प्राथमिक विद्यालय मालैंडी का भवन करीब एक वर्ष पहले ध्वस्त किया गया था। इसके बाद से पांच कक्षाओं के 72 बच्चे मंदिर में पढ़ने को मजबूर हैं। यहां भी नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। प्राथमिक विद्यालय करावड़ा चौपाल में संचालित हो रहा है। गांव सेवापुर का स्कूल भी मंदिर में चल रहा है, जहां करीब 70 बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं, गांव बधेव के जूनियर हाईस्कूल का संचालन प्राथमिक विद्यालय के तीन कमरों में किया जा रहा है।
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- बजट मिलते ही शुरू होगा निर्माण
बीएसए संतोष कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर भवनों को ध्वस्त कराया गया है। भवन निर्माण के लिए जल्द बजट मिलने की उम्मीद है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालय अलाउदीनपुर का जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण होने के बाद मजबूरी में खुले में चलती पढ

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