प्राइवेट बसें चुनाव में, यात्री हुए पैदल
शामली। विधानसभा चुनाव 2022 के प्रथम चरण के लिए मतदान के मद्देनजर प्राइवेट बसें अधिग्रहीत हो जाने के बाद यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में ज्यादातर मार्गों पर यात्री हरियाणा और यूपी रोडवेज की चंद बसों और टेंपो के सहारे रही। घंटों बाद बसों के आवागमन होने पर सवारियां हरियाणा-यूपी रोडवेज बसों का इंतजार करते रहे।
दस फरवरी के मतदान के लिए जिला प्रशासन ने प्राईवेट 1700 छोटे-बड़े वाहनों का अधिग्रहण किया है। बुधवार को शहर का प्राईवेट बस अड्डा बसों के अभाव में सूना पड़ा रहा। बसें न मिलने पर यात्री अन्य साधन तलाश करते नजर आए। कार, टेंपों और ई-रिक्शा चालकों अतिरिक्त किराया देकर गंतव्य तक जाना पड़ा। दूसरी ओर, शामली से लोनी मार्ग पर 48 मिनी बसों को अधिग्रहण होने से यात्री दिल्ली मार्ग, सहारनपुर मार्ग, मुजफ्फरनगर मार्ग, पानीपत मार्ग, करनाल मार्ग, मेरठ मार्ग पर यूपी और हरियाणा की रोडवेज की चंद बसों के भरोसे रहे।
यात्रियों के आगे हरियाणा-यूपी रोडवेज की बसें कम पड़ गईं। शामली यूपी रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान में यूपी रोडवेज की 193 बसों के साथ दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए अनुबंधित बसों का अधिग्रहण 11 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक किया गया है। शामली डिपो की 24 बसों में से नौ अनुबंधित बसों की मांग की गई है।
लोनी-शामली मार्ग मिनी बस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश राणा ने बताया कि उनकी 49 मिनी बसों में 15 बसों का शामली और 35 बसों का बागपत जिले के विधानसभा चुनाव के लिए अधिग्रहण किया गया है। मुजफ्फरनगर-कैराना मार्ग के बस एजेंट योगेंद्र कुमार कहना है कि मुजफ्फरनगर-शामली, कैराना, ऊन चौसाना बिड़ौली मार्ग पर 84 बसें मिलाकर शाहपुर मार्ग, गंगोह और बुढ़ाना, बड़ौत, मुजफ्फरनगर मार्ग की 135 प्राईवेट बसों का अधिग्रहण किया गया है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि मतदान के दिन होने वाली शादी-विवाह में जाने के लिए आवागमन पर रोक नहीं है। मतदान करने के बाद मतदाता अपने वाहनों से शादी विवाह में जा सकते हैं।
शामली रोडवेज बस अड्डे पर बस में चढ़ने को लेकर यात्रियों में मची आपाधापी।- फोटो : SHAMLI