चौसाना के गांव पांथुपूरा सडक पर भरा पानी
- फोटो : SHAMLI
चौसाना। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जैसे-जैसे मतदान की तिथि निकट आ रही है, प्रत्याशी अपनी गोटियां बिछाने में लगे हैं। प्रत्याशी वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए लुभावने वादों के साथ रूठों को मना रहे हैं। वहीं ग्रामीण प्रत्याशियों के सामने गांव की खस्ताहाल सड़कें, पुलिया, पेयजल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था के मुद्दे उठा रहे हैं। चौसाना व क्षेत्र के गांव गढ़ी हसनपुर, पांथुपुरा की कई सड़कें बदहाल पड़ी हैं।
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बदहाल पड़ी हैं कई सड़कें, पैदल चलना भी मुश्किल
चौसाना। ग्राम पंचायत चौसाना जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत की कई सड़कें बदहाल हैं। बिलाल मस्जिद और जुमा मस्जिद के पास की सड़कें पूरी तरह टूटी हुई हैं। इसके अलावा जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। आलम यह है कि इन सड़कों से पैदल भी गुजरना मुश्किल रहता है। पंचायत की गलियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीण रवि कुमार और अजेश मित्तल बताते हैं कि हर बार विकास की उम्मीद में वोट देते हैं लेकिन गांव का अपेक्षित विकास नहीं हो पाता। एक बार फिर से प्रत्याशी मैदान में हैं। ग्रामीण उनसे विकास की ही बात कर रहे हैं।
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बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान ग्रामीण
चौसाना। करीब सात हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत पांथुपुरा में सफाई व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीण रामपाल सिंह एवं योगेंद्र बताते हैं कि गांव में प्रधान बदलते रहते हैं लेकिन ग्राम पंचायत की सूरत नहीं बदली। दथेड़ा रोड और दुर्गा मंदिर के पास की सड़क बदहाल पड़ी है। लोग यहां से पैदल भी नहीं गुजर सकते। जलभराव और गंदगी के कारण यहां से गुजरना मुश्किल रहता है। नालियों की गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस बार सभी प्रत्याशियों से गांव की समस्याओं को दूर कराने की बात कर रहे हैं। प्रत्याशी भी विकास का वादा कर रहे हैं।
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वर्षो से बरातघर के साथ विकास की मांग
चौसाना। गढ़ी हसनपुर करीब 12 हजार की आबादी का गांव है। जहां कुल वोटरों की संख्या करीब 3700 है। सालाना लगभग 70 लाख का बजट गांव के विकास के लिए आता है। ग्रामीण किल्लू, पप्पू और राजवीर बताते हैं कि प्राचीन मंदिर को जाने वाली सड़क व गांव की अन्य सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वही ग्रामीण की मांग है कि स्कूलों में शादी समारोह की व्यवस्था कर लेते थे लेकिन पिछले कुछ वर्षो से स्कूलों में ऐसे प्रबंध पर रोक के बाद समस्या पैदा हो गई। गांव में बरातघर की आवश्यकता है। प्रधान कोई भी चुना जाए लेकिन उसे गांव की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
चौसाना के गांव पांथुपूरा सडक पर भरा पानी- फोटो : SHAMLI
चौसाना के गांव पांथुपूरा में सडक पर फैली गंदगी को निकालता ग्रामीण- फोटो : SHAMLI