शामली। शामली के युवा हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। जिले का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन सरकारी तौर पर उन्हें अभी भी सुविधाओं की दरकार है। रविवार को युवा दिवस पर शहर के कालेजों में पढ़ने वाली कुछ छात्राओं से हमने शिक्षा के क्षेत्र बात कर उनके मन की बात जानी। अधिकांश ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत जताई।
किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक भी जरूरी
हिंदू कन्या महाविद्यालय की बीए फाइनल की छात्रा शिवानी ने कहा कि कालेजों में किताबी ज्ञान के अलावा प्रयोगात्मक भी जरूरी है। उनके पास इतिहास है, क्लास में उन्हें इतिहास के बारेे में पढ़ाया जाता है, लेकिन प्रेक्टिकल रुप में ऐतिहासिक स्थल पर टूर के रुप में भी छात्राओं को ले जाकर उन स्थलों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। - शिवानी, हिंदू कन्या महाविद्यालय
नैतिक शिक्षा जरूरी
वित्त विहीन कालेजों में शैक्षिक स्तर फिर भी ठीक है लेकिन वित्त पोषित कालेजों में हालत खराब है। सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं होता। कालेजों में नैतिक शिक्षा पर भी जोर दिया जाना बहुत जरूरी होना चाहिए। - आयुषी संगल बीए, द्वितीय हिंदू महिला महाविद्यालय
राजनीति का अड्डा ना बनें कालेज-कैंपस
आजकल कालेेज भी राजनीति का अड्डा बनते जा रहे हैं। जेएनयू में जो हुआ वो बेहद गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए। कालेजों में नारेबाजी होने लगी है। इन सब पर रोक के लिए प्रभावी कदम सरकार को उठाने होंगे। - मानसी वर्मा, बीएस द्वितीय हिंदू महिला महाविद्यालय।
हर क्लास में कंप्यूटर जरूरी हो
आजकल हर काम ऑनलाइन होने लगा है। इसलिए कंप्यूटर शिक्षा का महत्व बढ़ गया है लेकिन विवि स्तर पर अभी भी किताबी पढ़ाई पर ही जोर है। पब्लिक स्कूलों में तीसरी क्लास से ही कंप्यूटर सिखाया जाता है लेकिन विवि स्तर पर ग्रेजुएशन लेवल पर कंप्यूटर सुविधा नहीं होती। बेहतर है कि विवि स्तर पर हर कक्षा में कंप्यूटर विषय जरूरी हो। - संगीता बीए द्वितीय वर्ष
अनिवार्य बने कंप्यूटर विषय
बताया कि कंप्यूटर एजूकेशन जरूरी होना चाहिए। कंप्यूटर शिक्षा ग्रेेेजुएशन लेवल पर अनिवार्य होनी चाहिए। सुविधाएं करनी चाहिए। आज की जरूरत है। नैतिक शिक्षा विषय भी कोर्स में शामिल किया जाना चाहिए। - आयषा बीए फाइनल, हिंदू महिला महाविद्यालय
उपस्थित पर सख्ती हो
कालेज में छात्राओं की उपस्थित पर ध्यान देना चाहिए और प्रवक्ताओं की भी जो छात्र-छात्राएं क्लास में नहीं आते उनके बारे में सख्ती करनी चाहिए, जब छात्र नहीं आते तो प्रवक्ता भी क्या करें। इसका नुकसान रोजाना कालेज आने वालों को होता है। बेहतर है कि उपस्थिति पर सख्ती हो। - फिरदौस, बीए फाइनल वीवी पीजी कालेज
कालेज भवनों का हाल सुधारें
विवि को कालेजों की हालत भी देखनी चाहिए। सरकारी कालेेजों का तो बुरा हो गया है। कालेज की दीवारों की सालों तक मरम्मत नहीं होती। भवन ठीक होना चाहिए। उनके यहां भी यही हाल है। पानी की टंकी लीक हो जाती है। इसके लिए विवि को कालेजों को बजट देना चाहिए ओर देखरेख करनी चाहिए। - सुमन बीए द्वितीय वीवी पीजी कालेज
अनुशासन बेहद जरूरी
छात्रों का टाइम टेबल फिक्स होना चाहिए जो छात्र नहीं आते उनके घर फोन करना चाहिए। सख्ती होनी चाहिए । रोक टोक होनी चाहिए ताकि कालेजों में पढ़ाई का माहौल बने। एक अनुशासन बने। इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। - तनन्नुम अंसारी, बीएस द्वितीय, वीवी पीजी कालेज