शामली। जिले में करीब 17111 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाई है। ऐसे किसानों के लिए 15 अप्रैल तक अभियान चलाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री से अब भी यदि किसान चूक गए तो न सिर्फ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित हो जाएंगे, बल्कि कृषि विभाग से जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। यहां तक की अब फसलें भी इसी के माध्यम से बिक्री होंगी।
आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल किसानों की कुल संख्या करीब 1.05 लाख है, इनमें 17111 किसान ऐसे हैं, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री बननी है। कृषि विभाग से किसानों को कृषियंत्र, बीज, उर्वरक आदि मिलता है। इसमें कृषि यंत्रों पर अनुदान भी मिलता है। इसके अलावा किसानों को तीन किस्त में छह हजार रुपये पेंशन के तौर पर प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। योजनाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए बीते वर्ष फार्मर रजिस्ट्री की योजना लागू थी है। इसमें रजिस्ट्री के जरिये किसानों का सारा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा।
किसानों को मिलने वाली योजनाओं को उसी से जोड़ा जाएगा। जब फार्मर रजिस्ट्री से योजनाएं जुड़ जाएंगी को धांधली और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो जाएगा।
उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल तक गांव-गांव कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि राजस्व, पंचायत विभाग के लोग मौजूद रहेंगे, किसान भूमि का रिकॉर्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, आधार नंबर और खसरा-खतौनी ले जाएंगे, तत्काल बनाया जाएगा।
नाम मिसमैच बनी बड़ी समस्या
किसानों का कहना है कि नाम मिसमैच होने और ओटीपी नहीं आने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, जिसके कारण परेशानी हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को शिविर लगाकर समस्या का समाधान कराना चाहिए।