जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विद्युत निगम के अधिकारियों को दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शुल्क जमा करने के बाद भी नलकूप का विद्युत कनेक्शन न देने पर जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने विद्युत निगम के अधिकारियों को क्षतिपूर्ति के दस हजार रुपये और वाद व्यय के तीन हजार रुपये का भुगतान किसान को करने का आदेश जारी किया है।
गांव लांक निवासी ओम सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली में ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता शामली, विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम के उप खंड अधिकारी व अवर अभियंता के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। इसमें किसान ने कहा कि उसने अपनी भूमि की सिंचाई के लिए दस हार्स पावर एलटी लाइन नलकूप के लिए विद्युत कनेक्शन स्वीकृत कराने को निगम में दस हजार 400 रुपये और प्रक्रिया शुल्क के रूप में 100 तीन अगस्त 2018 में जमा कराए थे। नलकूप का कनेक्शन सामान्य योजना में स्वीकृत किया गया और फरवरी 2020 में विद्युत भंडार शामली से दो विद्युत खंभे, दो तान और 294 मीटर तार प्राप्त किया था। नलकूप कनेक्शन स्थल पर दो विद्युत खंभे लगा दिए, लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं हो पाया। किसान का कहना है कि फसल को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण उसे हर साल लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग शामली के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद विद्युत निगम के अधिकारियों को विद्युत कनेक्शन न देकर सेवा में कमी के कारण हुई क्षतिपूर्ति के लिए दस हजार रुपये और वाद व्यय के लिए तीन हजार रुपये किसान को भुगतान करने का आदेश सुनाया। समय से आदेश का पालन न करने पर भुगतान की तिथि तक समस्त धनराशि पर नौ प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देय होगा। इसके साथ ही आयोग ने निगम के अधिकारियों के विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 71 के तहत इस आशय का नोटिस भी जारी किया कि झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण क्यों न इनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएं।