शामली में भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 250 परिवारों के पलायन मुद्दा उठाकर, उन जख्मों को भी हरा कर दिया, जो दो एक दशक से कैराना के लोगों को दर्द देते आ रहे हैं। कौन चाहता है कि उनका पैतृक स्थान छिन जाए, मगर माहौल ऐसा बन गया कि लोग कैराना छोड़कर दूसरी जगह जाकर बसने को मजबूर होने लगे। इसके पीछे एक दो नहीं, बल्कि कई कारण रहे।
गौरतलब है कि 1990 के दशक में कैराना निवासी इकबाल काना के पाकिस्तान से नकली नोटों की सप्लाई का नेटवर्क चलाने का खुलासा हुआ। तब कैराना का नाम राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम हुआ।
उच्च खुफिया इकाइयों ने भी कई बार आगाह किया है कि नकली नोटों की सप्लाई पाकिस्तान में बैठा इकबाल काना करा रहा है। वहीं, कैराना का दिलशाद मिर्जा और अनीस मोटा भी नकली नोट और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ा रहा। इस कड़ी में नया नाम हामिदा उर्फ फैमीदा का जुड़ा, जो फर्जी पासपोर्ट के जरिये पाकिस्तान से भारत आई।
उसका एक रिश्तेदार भी दो साल पूर्व पाकिस्तान से पिस्टलों की खेप मंगाने के मामले में पकड़ा गया। एक महीना पूर्व ही कांधला के गांव गंगेरू का इस्माइल अटारी बॉर्डर पर चार पिस्टल और सात मैगजीन पाकिस्तान से लाता हुआ पकड़ा गया। उसमें भी हमीदा के रिश्तेदार का नाम प्रकाश में आया। इसके अलावा भी कई मामले हैं।
250 से अधिक हो सकती है लोगों की संख्या
भाजपा सांसद हुकुम सिंह जल्दी ही कैराना से पलायन करने वालों की सूची जारी कर सकते हैं। भाजपा के कई कार्यकर्ता सूची बनाने में लगाए गए थे, जिन्होंने सूची लगभग तैयार कर ली है। सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 250 परिवारों के पलायन का बयान देकर खलबली मचा दी थी।
उनके बयान को सपा और बसपा नेताओं ने राजनीतिक स्टंट बताने के साथ ही कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण ऐसा बयान देकर माहौल गरमाने की नाकाम कोशिश की गई है। उधर, मालूम चला है कि बयान पर दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं के पलटवार का जवाब देने के लिए सांसद हुकुम सिंह जल्दी ही पलायन करने वालों की सूची सार्वजनिक कर सकते हैं।
सांसद ने पूर्व में बताया था कि कैराना के कई लोगों ने सूची तैयार करके उन्हें सौंपी। इसके बाद दिल्ली जाकर उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को प्रकरण से अवगत कराया था। अब वह फाइनल सूची तैयार करके सार्वजनिक करने की तैयारी की जा रही हैं। पहले इस सूची में 250 नाम बताए गए थे, लेकिन यह संख्या बढ़ भी सकती है। फिलहाल सांसद पार्टी के किसी कार्य से कर्नाटक गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि वहां से लौटने पर वह सूची सार्वजनिक कर सकते हैं।