फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर जाकर जागरूक करेंगी आशाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। कोरोना से बचाव को लेकर शासन के निर्देश पर प्रचार-प्रचार कर जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सीएचसी पर एएनएम, आशा और चिकित्सीय स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। आशा-एएनएम घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक करेंगी।
विज्ञापन

शासन ने कोरोना का वायरस संक्रमण से बचाव और फैलने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने और प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को सीएचसी के सभागार में सीएचसी के स्टाफ के अलावा अरबन पीएचसी बरखंडी और पंसारियान का चिकित्सीय स्टाफ, आशा और एएनएम मौजूद रही। चिकित्सीय स्टाफ, आशा और एएनएम को कोरोना वायरस से बचाव का प्रशिक्षण दिया। डा. विजेंद्र कुमार ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की तरफ से मिली गाइड लाइन के बारे में जानकारी दी। चिकित्साधीक्षक डा. रमेशचंद्रा ने कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव और सावधानियों के बारे में जानकारी देकर प्रशिक्षित किया। डा. अनुपम सक्सेना ने बुखार की स्लाइड बनाने का प्रशिक्षण दिया। सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि चिकित्सीय स्टाफ के साथ आशा, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों को सीएचसी और पीएचसी पर प्रशिक्षण दिया गया। आशा और एएनएम घर-घर जाकर लोगों को कोरोना से बचाव और सावधानी के बारे में जानकारी देकर जागरूक करेंगी।
प्रचार प्रसार में ग्राम प्रधान और शिक्षकों करेंगे सहयोग
सीएमओ ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रचार प्रसार करने में ग्राम प्रधान और स्कूलों के शिक्षक भी सहयोग करेंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भी जागरूकता के लिए पोस्टर और स्टीकर लगाए गए है। जिले में सरकारी दफ्तरों में करीब पांच हजार पोस्टर और दो हजार स्टीकर लगाए जा चुके है।
विज्ञापन

कोरोना के संदिग्ध मरीज अब नहीं होंगे रेफर
शामली। जिले में अगर कोई कोरोना वायरस संक्रमण का संदिग्ध केस आता है तो उसे चिकित्सक हायर सेंटर रेफर नहीं करेंगे। सीएमओ सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि कोरोना का कोई संदिग्ध केस सामने आता है तो उसे जिले में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में रखकर उपचार और जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन वार्ड में ही मरीज को रखा जाएगा। अगर उपचार के बाद भी मरीज को फेफड़े आदि का संक्रमण बढ़ता है तभी उसे हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। इसका उद्देश्य संक्रमण को फैलने से रोकना है। मरीज जहां का है, वहीं पर उसे रोककर उपचार दिया जाए ताकि अन्य स्थान पर उसका संक्रमण न फैल सके। विदेश यात्रा करने वाले या विदेश यात्री के संपर्क में आने वाले व्यक्ति की उसी के घर पर 28 दिन तक निगरानी की जाएगी।
दस्तक अभियान में भी कोरोना से जागरूक किया जाएगा
शामली। एक मार्च से शुरू हुए विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह के तहत 16 मार्च से जिले में दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा। 31 मार्च तक चलने वाले दस्तक अभियान के तहत संचारी रोगों के साथ विशेष रूप से कोरोना के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। लोगों को कोरोना के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें